गुरुग्राम: निवेश से पहले सेबी की आधिकारिक वेबसाइट पर कंपनी की जांच करें: हिमानी लठ
-कहा, निवेश से पहले जानकारी जरूरी, लालच और अफवाहों से बचें
-प्रयोग फाउंडेशन एवं प्रोगे्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के सहयोग से हुआ सेमिनार
गुरुग्राम, 08 अगस्त (हि.स.)। सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) की ओर से वित्तीय जागरुकता के लिए यहां पेस सिटी-2 सेक्टर-37 स्थित विंडसर कंपनी में प्रयोग फाउंडेशन एवं प्रोगे्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) के सहयोग से वित्तीय जागरुकता सेमिनार आयोजित किया गया। सेमीनार में सेबी स्मार्ट ट्रेनर हिमानी लठ ने बजट, बचत, निवेश, बीमा, सेवानिवृति योजनाओं पर बेहद ही बारीकी से विंडसर के कर्मचारियों का ज्ञानवर्धन किया। कंपनी के एचआर हेड जितेंद्र यादव ने सेबी मास्टर ट्रेनर हिमानी लठ, प्रयोग फाउंडेशन के महासचिव संजय कुमार का पर्यावरण का संदेश देते हुए पौधे देकर सम्मानित किया।
मास्टर ट्रेनर हिमानी लठ ने कर्मचारियों को निवेश, बचत और साइबर फ्रॉड से बचाव को लेकर अहम जानकारियां दीं। इस सत्र में कंपनी के अनेक कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। सेबी की मास्टर ट्रेनर हिमानी लठ ने सबसे पहले निवेशक जागरुकता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपनी कमाई का एक हिस्सा बचत और सही निवेश में लगाना चाहिए। उन्होंने म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार, बॉन्ड, सरकारी योजनाएं और बीमा के बीच का अंतर आसान भाषा में समझाया। साथ ही बताया कि बड़े रिटर्न के लालच में आने से पहले कंपनी की सेबी में रजिस्ट्रेशन, जोखिम और लॉक-इन पीरियड जरूर जांचें। उन्होंने आजकल बढ़ रही साइबर ठगी और फर्जी निवेश स्कीमों को लेकर भी कर्मचारियों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सोशल मीडिया पर गारंटीड रिटर्न और डबल करने वाली स्कीम के नाम पर हो रही ठगी से बचें। उन्होंने कर्मचारियों को सुझाव दिया कि निवेश से पहले सेबी की आधिकारिक वेबसाइट पर कंपनी और सलाहकार का रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करें। किसी को भी ओटीपी, बैंक डिटेल या पैन कार्ड की फोटो सांझा न करें।
उन्हाेंने कहा कि 25 से 35 की उम्र में शुरू किया गया छोटा निवेश भी कंपाउंडिंग के कारण रिटायरमेंट तक बड़ा फंड बन सकता है। उन्होंने हर महीने आय-खर्च का बजट बनाने और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी। विंडसर कंपनी के एचआर हेड जितेंद्र यादव ने कहा कि आज के समय में कर्मचारियों के लिए वित्तीय साक्षरता उतनी ही जरूरी है जितनी प्रोफेशनल स्किल्स। सेबी जैसी संस्था से सीधे जानकारी मिलने से कर्मचारियों को सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। उन्होंने कंपनी कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपनी पीएफ तब तक ना निकालें, जब तक बहुत ही ज्यादा जरूरत ना हो। यह सबका भविष्य निधि है। इसे सुरक्षित रखें।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर