गुरुग्राम: पुलिस थानों में भ्रष्टाचार, दुर्व्यवहार पर जिम्मेदार होंगे एसएचओ
-अच्छे काम के मूल्यांकन पर मिलेगा बेस्ट एसएचओ ऑफ द मंथ का खिताब
-अच्छी पुलिसिंग करने वालों को सम्मान मिलेगा, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
गुरुग्राम, 03 सितंबर (हि.स.)। अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस आयुक्त शिवास कविराज ने क्राइम मीटिंग ली। बुधवार देर रात तक चली इस मीटिंग में सभी डीसीपी, एसीपी, एसएचओ, चौकी प्रभारी और क्राइम ब्रांच प्रभारी मौजूद रहे। सीपी ने स्पष्ट किया कि गुरुग्राम पुलिस का लक्ष्य सिर्फ अपराध के बाद कार्रवाई नहीं, बल्कि रोकथाम, प्रभावी मौजूदगी और जनता का विश्वास जीतना है। अच्छी पुलिसिंग करने वालों को सम्मान मिलेगा, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
पुलिस आयुक्त शिबास कविराज ने कहा कि जनता के फीडबैक, रिस्पॉन्स टाइम, जांच की गुणवत्ता और जनसंतुष्टि को पुलिसिंग का रिपोर्ट कार्ड बनाया जाएगा। इसी आधार पर एसएचओ का मासिक मूल्यांकन होगा और हर महीने बेस्ट एसएचओ ऑफ द मंथ (महीने का श्रेष्ठ थाना प्रभारी) चुना जाएगा। सीपी ने पुलिस थानों में फरियादियों से सम्मानजनक व्यवहार और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए । जनता को चक्कर लगवाने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर उन्हें पब्लिक डीलिंग से हटाया जाएगा और उन पर विभागीय कार्रवाई होगी। शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित कर्मी के साथ एसएचओ की भी जवाबदेही तय होगी।
उन्होंने कहा कि हर रात डीसीपी रैंक के अधिकारी विशेष पेट्रोलिंग की निगरानी करेंगे। पुलिस कंट्रोल रूम में 24 घंटे एसीपी रैंक के अधिकारी तैनात रहेंगे। पीसीआर/ईआरवी के रिस्पॉन्स टाइम की नियमित समीक्षा होगी। आदतन अपराधियों की निगरानी और नशा तस्करों की अवैध संपत्ति की जांच कर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कविराज ने कहा कि संवेदनशील इलाकों में विशेष गश्त, गुमशुदा बच्चों-महिलाओं के मामलों में त्वरित कार्रवाई और महिला अपराधों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। साइबर ठगी पर तुरंत कार्रवाई कर पैसा होल्ड कराने, बाजारों में जागरुकता अभियान और सीसीटीवी कवरेज की समीक्षा के आदेश भी सीपी की ओर से दिए गए। सीपी ने कहा कि जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है और जनता का फीडबैक पुलिसिंग की गुणवत्ता का पैमाना है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर