गुरुग्राम: चीन से रिश्ते सुधरे तो वीजा, उड़ान व सप्लाई चेन की अड़चनें होंगी कम: दीपक मैनी
-ग्लोबल कंपनियों को मिल सकता है नया प्लेटफॉर्म
-मैन्युफैक्चरिंग और कारोबार को मिलेगी रफ्तार
गुरुग्राम, 26 अगस्त (हि.स.)। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन दीपक मैनी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की चीन यात्रा को भारत की बदलती आर्थिक और कूटनीतिक रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। भारत रूस, चीन और जापान के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में मजबूत रिश्ते बनाकर एक ऐसा संतुलन तैयार कर रहा है, जिसका फायदा आने वाले समय में देश के उद्योग और कारोबार को मिल सकता है।
दीपक मैनी ने कहा कि रूस से ऊर्जा, चीन से सीमा पर शांति और जापान से निवेश व तकनीक भारत की आर्थिक रफ्तार को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि चीन के साथ संबंधों में सुधार का सबसे बड़ा फायदा कारोबार के माहौल पर पड़ेगा। सीमा पर लंबे समय तक शांति रहने से भारत और चीन के बीच व्यापारिक गतिविधियों को अधिक स्थिरता मिल सकती है। वीजा, सीधी उड़ानों, सप्लाई चेन और कारोबारी आवाजाही से जुड़ी अड़चनें कम होने पर भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय कारोबार में फायदा मिलेगा। इससे खास तौर पर मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो कंपोनेंट, मशीनरी और टेक्नोलॉजी सेक्टर को गति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि रूस के साथ भारत का ऊर्जा सहयोग उद्योग के लिए लागत को स्थिर रखने में मददगार है। कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों की बेहतर उपलब्धता से परिवहन और मैन्युफैक्चरिंग लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। इससे भारतीय उद्योग को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
दीपक मैनी के अनुसार जापान के साथ भारत के संबंधों में निवेश और तकनीक सबसे बड़ा अवसर हैं। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में जापानी कंपनियों की भागीदारी बढऩे से भारत में नई उत्पादन क्षमता विकसित हो सकती है। इससे निवेश के साथ रोजगार और नई सप्लाई चेन भी तैयार होंगी। हरियाणा इस रणनीति का बड़ा लाभार्थी बन सकता है। गुरुग्राम-मानेसर पहले से ऑटोमोबाइल, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग सेक्टर का बड़ा केंद्र है।
दीपक मैनी ने कहा कि गुरुग्राम की इंटरनैशनल कनेक्टिविटी, कॉरपोरेट इकोसिस्टम और मानेसर के औद्योगिक क्षेत्र इसे विदेशी निवेश के लिए मजबूत डेस्टिनेशन बनाते हैं। चीन के साथ सीधी कारोबारी आवाजाही और जापान से तकनीकी निवेश बढऩे पर गुरुग्राम में नए बिजनेस सेंटर, मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट यूनिट और सर्विस कंपनियां आ सकती हैं। इसका असर रोजगार और स्थानीय कारोबार पर भी पड़ेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर