गुरुग्राम: अस्पताल में मृत युवक को जिंदा बताकर लाखों वसूलने का आराेप,परिजनाें का हंगामा

 

-मृतक युवक के परिजनों ने अस्पताल पर लगाया है यह आरोपी

-अस्पताल में 24 घंटे भर्ती रखा गया, एम्स के नाम पर डेढ़ रुपये की रखी मांग

गुरुग्राम, 26 मार्च (हि.स.)। यहां के एक प्राइवेट अस्पताल में दुर्घटना में घायल होकर लाए गए युवक की मौत के बाद भी उसे जिंदा बताकर परिवारजनों से 25 लाख रुपये की वसूली का आरोप अस्पताल पर लगा है। अस्पताल में हंगामा करते हुए परिजनों ने कहा कि अस्पताल ने 24 घंटे युवक को भर्ती रखा। एम्स के नाम पर डेढ़ लाख रुपये भी मांगे।

युवक के परिजनों की ओर से सेक्टर-50 पुलिस थाना में 23 मार्च 2026 को शिकायत दी गई थी। शिकायत में बादशाहपुर सेक्टर-66 निवासी मोफिजूर रहमान ने बताया कि वे मूलरूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाला हैं। 23 मार्च की सुबह करीब चार बजे उसके पास फिरदौस अली का फोन आया कि बेटे अजरूल इस्लाम की सेंटर जेवियर स्कूल के पास एक्सीडेंट हो गया है। उसे गंभीर चोटें आई हैं। वह उस समय ऑटो में दूध की डिलीवरी देने जा रहा था। उसे घायल में सेक्टर-49 स्थित पार्क अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके शरीर में 90 प्रतिशत अंगों ने काम करना बंद कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि सोमवार को दुर्घटना में घायल हुए अजरूल की मौत तो 24 घंटे पहले ही हो गई थी। फिर भी अस्पताल में उसके इलाज के नाम पर वसूली की जाती रही। परिजनों के मुताबिक तीन दिन में पांच लाख रुपये से ज्यादा अस्पताल ले चुका है। परिजनों ने अजरूल को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की बात पर की तो अस्पताल ने अजरूल को मृत दिखाया। परिजनों ने यह भी कहा कि अजरूल को एम्स के लिए रेफर करने की बात कही गई थी। इसके लिए डेढ़ लाख रुपये मांगे गए। परिजनों ने बुधवार की रात को अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची। परिजनों ने बताया कि अजरूल की 24 घंटे पहले मौत हो जाने के बाद भी अस्पताल रुपये ऐंठने के लिए उसे जिंदा बताता रहा। डॉक्टर का दौरा, बेड चार्ज, दवाई और टेस्ट आदि के नाम पर रुपये लिए गए। जब मरीज को शिफ्ट करने की बात की तो उसे मृत बता दिया गया। परिजनों ने कहा कि अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। तब तक वे डेड बॉडी को लेकर नहीं जाएंगें।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर