गुरुग्राम: तबादला नीति के विराेध में नर्सिंग ऑफिसर्स ने भाजपा महिला प्रदेश अध्यक्ष को सौंपा मांग पत्र
-तबादला नीति को लेकर मांग पत्र के माध्यम से सुझाव भी दिए गए
-ऑनलाइन तबादला नीति की बजाय तबादले के इच्छुक कर्मचारियों के ही हों तबादले
गुरुग्राम, 26 फरवरी (हि.स.)। हरियाणा सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग में लागू की जा रही ऑनलाइन तबादला नीति को लेकर गुरुवार को नर्सिंग ऑफिसर्स ने भाजपा हरियाणा की महिला प्रदेश अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी को मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि तबादला नीति को रद्द किया जाए। साथ ही सरकार को सुझाव भी दिए गए। ऑनलााइन तबादला नीति की बजाय तबादले के इच्छुक कर्मचारियों के ही तबादले किए जाएं। उषा प्रियदर्शी ने नर्सिंग ऑफिसर्स को विश्वास दिलाया कि वे उनकी मांगों को प्रमुखता के साथ सरकार के समक्ष रखेेंगीं।
नर्सिंग ऑफिसर्स की ओर से बताया कि हरियाणा में नर्सिंग कैडर में 95 प्रतिशत महिलाएं हैं। अगर उन पर तबादला नीति लागू की जाती है तो उनका परिवार पूरी तरह से प्रभावित होगा। नौकरी के साथ नर्सिंग ऑफिसर्स को परिवार को भी संभालना पड़ता है। ज्यादातर महिला कर्मचारियों के परिवार उनके साथ ही रहते हैं। बदली होने की स्थिति में नर्सिंग ऑफिसर्स को अपने परिवार को छोडक़र दूसरे स्टेशन पर जाकर काम करने में कठिनाई होगी। जो नर्सिंग कर्मचारी किसी स्टेशन पर लंबे समय से तैनात होते हैं, वे उस स्टेशन के इलाके से अच्छी तरह परिचित होते हैं। जिससे उन्हें नए स्थानांतरित कर्मचारी की तुलना में अपने कर्तव्यों का अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में मदद मिलती है। स्थानांतरण होने से स्वास्थ्य विभाग में काम प्रभावित होगा।
मांग पत्र में आगे कहा गया कि कोविड-19 महामारी के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने पूरी क्षमता से अपने कर्तव्यों का निर्वाह किया और महामारी के प्रसार को रोकने में उत्कृष्ट योगदान दिया। वे अपने परिवार के सहयोग से ऐसा कर पाए हैं। यदि उनका तबादला किसी अन्य स्टेशन पर हो जाता है तो उनके लिए इस तरह से कार्य कर पाना बहुत मुश्किल/असंभव होगा। नर्सिंग स्टाफ का काम चौबीसों घंटे का होता है। उन्हें काम के तय घंटों के बाद भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहना पड़ता है। अगर उनका तबादला उनके परिवार से दूर किसी स्टेशन पर हो जाता है तो उन्हें अकेले रहना पड़ेगा। यह उनकी सुरक्षा के मामले में भी सही नहीं है। शिफ्ट अनुसार ड्यूटी तीन चरणों में होती है, पहली सुबह से दोपहर, दूसरी दोपहर से शाम और तीसरी रात आठ बजे से सुबह बजे तक। ऐसी स्थिति में कार्यभार परिवार दूसरे स्टेशन पर जाकर संभालना कठिन होगा। इसलिए सरकार से अनुरोध है कि इस तबादला नीति को रद्द किया जाए।
नर्सिंग ऑफिसर्स ने सरकार को ये सुझाव भी दिए
नर्सिंग ऑफिसर्स की ओर से मांग पत्र में सरकार को सुझाव भी दिए गए हैं। कहा गया है कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार हम संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों (पैरामेडिकल स्टाफ नहीं) की श्रेणी में आते हैं। साथ ही कहा है कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार राज्य को जिलावार जोन में विभाजित किया जाना चाहिए। स्थानांतरण के अनुरोध (सामान्य परिस्थितियों में) पर केवल खाली पड़े पद के लिए ही विचार किया जा सकता है। आपसी हस्तांतरण संबंधी नीति दोनों पक्षों से लिखित सहमति और शपथ पत्र प्राप्त करने के बाद ही लागू की जा सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर