गुरुग्राम: एनएच-48 पर लगे एस्केलेटर कभी नहीं चले, सामान हो रहा चोरी
गुरुग्राम, 26 फरवरी (हि.स.)। प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे मनोहर लाल के कार्यकाल में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-48 स्थित दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे पर करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए एस्केलेटर (स्वचलित सीढिय़ां) एक दिन भी नहीं चली हैं। लगने से लेकर अब तक ये शो-पीस ही बनी हैं। अब ये एस्केलेटर सीढिय़ां चोरों के निशाने पर हैं। अक्सर यहां से सामान चोरी हो रहा है। इन्हें शुरू कराने को लेकर ना तो सरकार और ना ही एनएचएआई कुछ कदम उठा रहा है।
राजधानी दिल्ली के धौला कुआं से शुरू होकर नए-पुराने गुरुग्राम के बीच से गुजरते हुए बाहरी इलाके में दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे खत्म होता है। गुरुग्राम के हिस्से में इस पर तीन जगहों इफ्को चौक, सिगनेचर टावर चौक व राजीव चौक पर फुटओवर ब्रिज के साथ ही एस्केलेटर लगाए गए गए हैं। गुरुग्राम में यातायात की स्थिति में सुधार के लिए, जाम की समस्या दूर करने के लिए तीनों चौक में से एक चौक इफको को तो सिग्रल फ्री किया गया। बाकी दो चौक सिगनेचर टावर व राजीव चौक पर अंडरपास बनाए गए। यातायात जाम की समस्या का तो काफी समाधान हो गया। यहां पर करोड़ों रुपये खर्च करके एस्केलेटर लगाए गए। दिखने में तो यह एस्केलेटर, फुटओवर ब्रिज बहुत अच्छे लगते हैं। गुरुग्राम के विकास की कहानी कहते हैं। बात जब इनके प्रयोग की आती है तो हकीकत सामने आ जाती है। तीनों स्थानों पर जब से ये एस्केलेटर लगाए गए हैं, तब से ये चालू नहीं किए गए हैं। बंद होने की वजह से ये एस्केलेटर कबाड़ होते जा रहे हैं। सिर्फ कबाड़ ही नहीं हो रहे, बल्कि इनकी प्लेटें चोरी की जा रही हैं। चोरी के अलावा यहां शीशे व अन्य सामान भी तोड़ा गया है। एस्केलेटरशं
फुटओवर ब्रिज के हालात भी बहुत खराब हैं। इफको चौक फुटओवर ब्रिज को लोगों ने पेशाबघर बना दिया है। वहां कुत्ते भी गंदगी फैलाते हैं और आदमी भी। इफको चौक के फुटओवर ब्रिज पर लोग पेशाब करते हैं। इससे वहां बदबू के कारण बहुत बुरा हाल हो गया है। फुटओवर ब्रिज से वैसे तो बहुत कम लोग ही रोड पार करते हैं। जो करते हैं उन्हें मुंह पर कपड़ा रखकर निकलना पड़ता है। ऐसे हालातों में ये फुटओवर ब्रिज और एस्केलेटर शो-पीस बनकर रह गए हैं। इन्हें कब शुरू किया जाएगा, इसे लेकर एनएचएआई पर मैंटेनेेंस का काम देख रहे स्टाफ के पास कोई जवाब नहीं है। एनएचएआई की देखरेख में लगे मुकेश का कहना है कि कई बार चोरों को पकडक़र पुलिस को सौंपा गया है। पुलिस उन्हें पीटकर छोड़ देती है। मतलब यहां सरकारी सामान की एक तरह से खुलेआम चोरी की घटनाएं हो रही हैं और एफआईआर तक नहीं जा रही।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर