गुरुग्राम में ऑनलाइन सल्फास मंगवाकर नाबालिग ने की आत्महत्या,मीशो व सूरत के विक्रेता पर केस दर्ज

 

-युवक मां का आरोप-बिना वेरिफिकेशन बेचा सल्फास

-महिला के बेटे ने ऑनलाइन मंगाकर खाया जहर, बादशाहपुर थाने में केस दर्ज

गुरुग्राम, 20 अगस्त (हि.स.)। बादशाहपुर थाना क्षेत्र के गांव टीकली में 17 वर्षीय युवक की जहरीला पदार्थ खाने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म मीशो और सल्फास बेचने वाले विक्रेता के खिलाफ केस दर्ज किया है। मृतक की पहचान यूवी (17) के रूप में हुई है।

मृतक युवी की मां अनुराधा ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे ने मीशो के जरिए सल्फास मंगवाया था, जिसे कंपनी ने बिना किसी उम्र और पहचान की तस्दीक के उसके घर पहुंचा दिया। अनुराधा ने न्यायालय में याचिका दायर कर कहा कि प्रतिबंधित सल्फास की बिक्री में नियमों का खुला उल्लंघन हुआ और इसी के सेवन से उनके बेटे की मौत हुई। कोर्ट के आदेश पर जांच के बाद बादशाहपुर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। एएसआई संजीव कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस जांच के अनुसार 17 वर्षीय यूवी ने 11 अप्रैल 2026 को अपने मोबाइल नंबर से मीशो प्लेटफॉर्म पर सल्फास का ऑर्डर किया था। ऑर्डर की इनवॉयस में विक्रेता का नाम गुजरात के सूरत स्थित एवर्ग्रीन एग्रो एंड गार्डनिंग मॉल के संचालक पंकज भरतभाई परमार दर्ज है। 28 अप्रैल को जहरीला पदार्थ खाने के बाद यूवी की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। उस समय पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया था और विसरा व ब्लड सेंपल जांच के लिए एफएसएल भोंडसी भेजे थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर कैसे एक नाबालिग को इतना खतरनाक और प्रतिबंधित जहर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से बेच दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सल्फास की ऑनलाइन बिक्री, ऑर्डर की प्रक्रिया, विक्रेता की भूमिका और प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी समेत सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर