गुरुग्राम: 3480 कर्मचारियों की बहाली व वेतन की मांग पर सफाईकर्मियों का प्रदर्शन

 


-गुरुग्राम में सफाई कर्मचारियों ने किया झाड़ू प्रदर्शन

गुरुग्राम, 01 जुलाई (हि.स.)। नगर निगम गुरुग्राम के सफाई कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए मंगलवार को झाड़ू प्रदर्शन किया। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर कर्मचारी पुराने नगर निगम कार्यालय पर इक्कठे हुए। वहां से प्रदर्शन करते हुए महावीर चौक, पुलिस लाइन गेट, शमा रेस्टोरेंट चौक, अग्रवाल धर्मशाला चौक से वापस कार्यालय पहुंचे।

संघ के प्रधान बसंत कुमार ने कहा कि एक मई से 14 मई तक 14 दिन की हड़ताल के बाद सरकार ने 22 में से 17 मांगों पर सहमति दी थी। लेकिन अभी तक कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने समेत कई मानी गई मांगों के पत्र जारी नहीं हुए। उन्होंने मांग की कि सरकार 13 मई 2026 के फैसले को लागू करे और मानी गई मांगों के पत्र तुरंत जारी करे। उन्होंनें आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में छंटनी किए गए 3480 सफाई कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने में निगम प्रशासन आनाकानी कर रहा है। सरकार ने 12 जून को पत्र जारी कर इन कर्मचारियों का रिकॉर्ड मांगा था, लेकिन निगम अधिकारी कह रहे हैं कि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। संघ के वरिष्ठ नेता राजेश कुमार ने सवाल उठाया कि जब 5-6 साल तक इन कर्मचारियों ने ठेकेदारों के मार्फत काम किया। नगर निगम ने वेतन दिया। ईपीएफ, ईएसआई काटा तो रिकॉर्ड कैसे गायब हो गया। आरोप है कि निगम अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से खजाने को लूटा जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल अवधि के 14 दिन का वेतन भी अभी तक नहीं दिया गया। निगम अधिकारियों का तर्क है कि अगर छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को वापस ले लिया तो ठेकेदारों से कराए जा रहे काम का क्या होगा। संघ ने इसे भ्रष्टाचार करार दिया और स्टेट विजिलेंस से जांच की मांग की। सचिव धर्मेंद्र जिंगाला ने कहा कि वर्ष 2014 में निगम रोल पर आए लगभग 1800 सफाई व सीवरमैन कर्मचारियों के वेतन से जुलाई 2014 से मार्च 2017 तक तीन साल की ईपीएफ, ईएसआई राशि काटी गई, लेकिन आज तक कर्मचारियों के खाते में नहीं डाली गई। सरकार दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई करे। संघ ने ऐलान किया कि दो जुलाई को भी नगर निगम आयुक्त की तानाशाही के खिलाफ प्रदर्शन होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर