गुरुग्राम: विकसित भारत की नींव मानव विकास: तोशिहिरो सुजुकी

 


-सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष ने मानेसर व बहादुरगढ़ संस्थान का किया दौरा

गुरुग्राम, 03 जुलाई (हि.स.)। सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष तोशिहिरो सुजुकी ने कहा कि कल जब भारत और जापान के दोनों प्रधानमंत्रियों ने हमारे खरखौदा प्लांट का उद्घाटन किया तो यह भारत में सुजुकी के लिए सबसे बड़ा सम्मान था। यह हम पर विकसित भारत के लिए फिर से समर्पित होने की और भी जिम्मेदारी डालता है। इसकी नींव मानव विकास है।

यह बात उन्होंने शुक्रवार को मानेसर स्थित जापान-इंडिया इंस्टीट्यूट फॉर मैन्युफैक्चरिंग (जेआईएम) के दौरे के दौरान कही। सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि निदेशक और अध्यक्ष तोशिहिरो सुजुकी के अलावा मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के एमडी और सीईओ हिसाशी ताकेउची सहित वरिष्ठ प्रबंधन ने जेआईएम का दौरा किया। यहां उन्होंने छात्रों से बातचीत की और अत्याधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली का अनुभव लिया। तोशिहिरो सुजुकी ने कहा कि मारुति सुजुकी मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया और विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप कौशल विकास और सडक़ सुरक्षा को भारत की विनिर्माण वृद्धि का आधार मानती है। जापान-इंडिया इंस्टीट्यूट फॉर मैन्युफैक्चरिंग एक प्रमुख कौशल विकास पहल है। यह उन्नत विनिर्माण जरूरतों के अनुरूप व्यावसायिक प्रशिक्षण देता है। मारुति सुजुकी ने गुजरात के मेहसाणा-गांधीनगर और हरियाणा के मानेसर-सोनीपत में चार संस्थान स्थापित किए हैं।

भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची द्वारा मारुति सुजुकी के खरखौदा वाहन निर्माण प्लांट के उद्घाटन के बाद सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन और मारुति सुजुकी के वरिष्ठ नेतृत्व ने कंपनी द्वारा संचालित प्रमुख संस्थानों का दौरा किया। जेआईएम में युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक तकनीकी विशेषज्ञता, जापानी विनिर्माण पद्धतियों और गुणवत्ता, सुरक्षा, अनुशासन व निरंतर सुधार की संस्कृति से लैस किया जाता है। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने बहादुरगढ़ स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च का दौरा किया। मारुति सुजुकी ने छह राज्य सरकारों के सहयोग से आठ आईडीटीआर स्थापित किए हैं। इनमें उन्नत टेस्ट ट्रैक, ड्राइविंग सिमुलेटर और व्यापक पाठ्यक्रम है। यहां हल्के-भारी वाहनों, दोपहिया-तिपहिया, फोर्कलिफ्ट और अर्थ-मूविंग उपकरण चालकों के लिए कोर्स कराए जाते हैं। ट्रैफिक नियम तोडऩे वालों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर