गुरुग्राम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने की पंजाब के किसान संगठनों से बैठक, चार घंटे मांगों पर मंथन
किसानों नेताओं ने कहा, पहली बार मिला सकारात्मक जवाब
गुरुग्राम, 04 सितंबर (हि.स.)। केंद्र सरकार और किसानों के बीच गतिरोध खत्म करने के लिए गुरुग्राम में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और संयुक्त किसान मोर्चा के बीच गुरुवार देररात तक करीब चार घंटे बैठक चली। इसमें 13 राज्यों के किसान प्रतिनिधि शामिल हुए और 10 प्रमुख मांगों का पत्र सौंपा। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि मांगों पर संबंधित मंत्रियों से बात कर जल्द पूरा कराया जाएगा। वहीं किसानों ने कहा कि अभी सिर्फ आश्वासन मिला है, संतुष्टि मांगें पूरी होने पर ही होगी, लेकिन इस बार सरकार का रुख पॉजिटिव रहा।
संयोजक जगदीप सिंह डल्लेवाल ने बताया कि हर प्वाइंट पर विस्तार से बात हुई। सचिव हरदीप सिंह गिल ने कहा कि अगर 5-10 दिन में 2-4 प्रमुख मांगें भी पूरी हुईं तो भरोसा बनेगा कि सरकार किसान हित में है।
किसानों की प्रमुख मांगें है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से खेती-बाहर हो। किसानों को डर था कि डील से खेती और डेयरी को नुकसान होगा। सरकार ने आश्वासन दिया कि एग्रीकल्चर और डेयरी को डील से बाहर रखा जाएगा और जल्द आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी होगा। मंत्री खट्टर ने कहा कि कृषि मंत्रालय से बात कर किसानों और विभाग के बीच सीधी बातचीत कराई जाएगी। खेतों से गुजरने वाली हाई-टेंशन लाइनों के मुआवजे के लिए नई किसान-हितैषी पॉलिसी बनाने का भरोसा दिया गया। देशभर में किसानों पर दर्ज केस 8-10 दिन में वापस लेने की मांग उठी। नेताओं ने कहा कि ऐसा हुआ तो बातचीत सफल मानी जाएगी।
वहीं जमीन अधिग्रहण से पहले 75 फीसदी किसानों की लिखित सहमति, मार्केट रेट से चार गुना मुआवजा और पहले बंजर भूमि के अधिग्रहण जैसे प्रावधान दोबारा लागू करने की मांग पर सरकार ने जल्द फैसले का आश्वासन दिया। इसके अलावा स्मार्ट मीटर, बिजली सब्सिडी और कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी चर्चा हुई। बैठक में तमिलनाडु से किसान नेता पीआर पांडेयन, कर्नाटक से शांता कुमार, मध्य प्रदेश से लीलाधर राजपूत, उत्तर प्रदेश से प्रहलाद पूनिया, सोमवीर, राजस्थान से इंद्रजीत पन्नीवाला, हरियाणा से अभिमन्यु कोहाड़, हरदीप गिल, राजेंद्र सिंह चहल तथा पंजाब से सुखदेव सिंह भोजराज और सतनाम सिंह बहरू शामिल हुए।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर