गुरुग्राम: हर क्षेत्र की तरक्की का आधार श्रमिक भाई-बहन : डा. विजय सिंह चौहान
रॉयल सीनियर सेकेंडरी स्कूल वजीरपुर में श्रमिकों को किया गया सम्मानित
गुरुग्राम, 01 मई (हि.स.)। वजीरपुर स्थित रॉयल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में स्कूल में काम करने वाले श्रमिकों को सम्मानित करते हुए उनके काम की सराहना की गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य डा. विजय सिंह चौहान ने यह सम्मान दिया। बच्चों द्वारा श्रमिकों को सम्मान देने के लिए पेंटिंग के रूप में कलाकृतियां तैयार की गई।
श्रमिक दिवस पर महिला श्रमिक मोनू को विद्यालय में शत-प्रतिशत हाजिरी पर प्रधानाचार्य डा. विजय सिंह चौहान ने उन्हें 5100 रुपये देकर सम्मानित किया। अन्य श्रमिकों को भी उन्होंने सम्मानित करते हुए उनके काम को सराहा। इस अवसर पर छात्रों ने श्रमिकों के लिए भिन्न-भिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देकर सभी श्रमिकों का सम्मान किया। प्रधानाचार्य ने विद्यालय में कार्यरत सभी श्रमिकों का धन्यवाद किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इन सभी श्रमिकों के कारण विद्यालय प्रतिदिन प्रगति के पथ पर बढ़ रहा है। उन्होंने सभी छात्रों से भी अनुरोध भी किया कि वे सभी श्रमिकों का सदैव सम्मान करें। विद्यालय परिवार का सभी श्रमिक हिस्सा हैं। उनके बिना विद्यालय की प्रगति संभव नहीं। विद्यालय का स्वच्छ, सुंदर वातावरण उनकी देन है।
डा. विजय सिंह चौहान ने श्रमिक दिवस मनाने को लेकर जानकारी दी कि भारत में मजदूर दिवस की शुरुआत एक मई 1923 को चेन्नई (मद्रास) में हुई, जिसे कामरेड सिंगरावेलू चेट्यार ने शुरू किया था। भारत में नारायण मेघाजी लोखंडे को भारतीय श्रम आंदोलन का जनक माना जाता है। उन्हांने कहा कि श्रम मानव जीवन की उन्नति, आत्मनिर्भरता और सफलता का आधार है। यह न केवल आर्थिक समृद्धि लाता है, बल्कि मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर