झारखंड से अपहरण कर गुरुग्राम में बेची युवती, चार साल बाद रेस्क्यू

 


-चार साल से नहीं दिया वेतन

गुरुग्राम, 22 मई (हि.स.)। गुरुग्राम के सेक्टर-40 में झारखंड की युवती को पिछले चार साल से बंधक बनाकर घर का काम करवाया जा रहा था। यहां की कोठी में यह सब चल रहा था। 24 वर्षीय युवती को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, मुक्ति फाउंडेशन व जिला प्रशासन के अधिकारियों की अगुवाई में मुक्त करा लिया गया।

पीड़ित युवती मूल रूप से झारखंड के साहेबगंज जिले की रहने वाली है। करीब पांच साल पहले 19 साल की उम्र में कुछ अज्ञात तस्करों ने उसे उसके गृहनगर से किडनैप कर लिया था। इसके बाद उसे दिल्ली-एनसीआर के प्लेसमेंट रैकेट के हाथों बेच दिया गया।

पिछले करीब चार साल से उसे गुरुग्राम के सेक्टर-40 स्थित कोठी में घरेलू नौकरानी के तौर पर काम कराया जा रहा था। इस दौरान कोठी मालिक ने उसे बंधक जैसी स्थिति में रखा। युवती को न केवल बंधक बनाकर रखा गया था, बल्कि उससे शुरुआत में बिना वेतन के दिन-रात घर का काम कराया जा रहा था। युवती को अपने परिवार से बात करने की भी इजाजत नहीं थी। युवती को उसके पिता की मौत के बाद भी घर नहीं जाने दिया गया।

कोठी मालिकों की सख्त निगरानी के बावजूद पीड़ित युवती ने एक दिन एक मोबाइल का इंतजाम किया और चुपके से झारखंड में रह रहे अपने भाई से संपर्क साधा। उसने रोते हुए अपने भाई को अपनी आपबीती सुनाई और गुरुग्राम की उस कोठी का पता बताया, जहां उसे कैद किया हुआ था। बहन की आपबीती सुनकर भाई के होश उड़ गए। उसने बिना वक्त गंवाए दिल्ली का रुख किया और चाणक्यपुरी स्थित 'झारखंड भवन' पहुंचकर वहां के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर अपनी बहन को बचाने की गुहार लगाई।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर