गुरुग्राम में जन्माष्टमी की धूम, राधा-कृष्ण बने बच्चों ने मोहा मन
-छोटे बच्चों को राधा-कृष्ण की पोशाक पहनाकर सजाया गया
-बाजारों में राधा-कृष्ण के पात्रों के लिए पोशाकों की खूब हुई बिक्री
गुरुग्राम, 04 सितंबर (हि.स.)। जिलाभर में जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। छोटे-बड़े मंदिरों को बिजली की रंग-बिरंगी लडिय़ों और फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी और हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा।
घरों और मंदिरों में छोटे-छोटे बच्चों को राधा-कृष्ण के रूप में तैयार किया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहे। कई जगह फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया।
मंदिरों में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, गोवर्धन पर्वत और रासलीला पर आधारित मनमोहक झांकियां सजाई गईं। शहर के प्रमुख मंदिरों शीतला माता मंदिर, घंटेश्वर मंदिर, इस्कॉन मंदिर सेक्टर-45, बादशाहपुर, ओल्ड रेलवे रोड पर प्रेम मंदिर, सदर बाजार के पास घंटेश्वर मंदिर, प्राचीन हनुमान मंदिर, सिद्धेश्वर मंदिर, और सेक्टर-14 के कृष्ण मंदिर समेत शहर में सेंकड़ों मंदिरों में में विशेष आयोजन हुए। मध्यरात्रि को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आरती और अभिषेक किया गया। पुजारियों ने भगवान को माखन-मिश्री का भोग लगाया और भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। कई मंदिरों में दही-हांडी प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ, जिसमें युवाओं ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया।
जन्माष्टमी को लेकर बाजारों में भी रौनक रही। दुकानों पर भगवान श्रीकृष्ण के वस्त्र, मुकुट, बांसुरी और झूले खूब बिके। महिलाओं ने घरों में व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। शहर में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रमुख मंदिरों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। देर रात तक मंदिरों में भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा और श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। कुल मिलाकर जन्माष्टमी ने गुरुग्राम में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक एकता का अनोखा संगम पेश किया।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर