गुरुग्राम: एचएसवीपी के 421 लाभार्थियों को 494.49 करोड़ रुपये से अधिक की छूट का मिला प्रावधान

 


-31 दिसंबर 2026 तक मिलेगा इस योजना का लाभ

-विवादों से समाधान योजना 2026 का अधिकतम लाभ उठाएं प्लॉट धारक

गुरुग्राम, 17 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण गुरुग्राम ने प्लॉट धारकों के विवादों से समाधान योजना 2026 की शुरुआत की है। एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह ने सोमवार को बताया कि यह योजना प्लॉट एन्हांसमेंट से जुड़े विवादों के एकमुश्त समाधान का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। योजना के तहत 53 सेक्टर के लगभग 421 पात्र लाभार्थियों को 494.49 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण छूट प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ उठाने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है।

प्रशासक वैशाली सिंह ने बताया कि योजना का उद्देश्य पात्र आवंटियों को प्लॉट एन्हांसमेंट से संबंधित विवादों के सरल, त्वरित और निष्पक्ष समाधान का अवसर उपलब्ध करवाना है। इस योजना के माध्यम से ऐसे आवंटी भी लाभान्वित हो सकेंगे, जो पूर्व में लागू योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाए थे। उन्होंने कहा कि पात्र प्लॉट धारकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजना का लाभ लेकर अपने लंबित मामलों का समाधान करवाना चाहिए। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत आवासीय प्लॉटों के आवंटी, फ्लोर-वाइज पंजीकरण वाले प्लॉट, ग्रुप हाउसिंग साइट्स, संस्थागत प्लॉट तथा औद्योगिक प्लॉट सहित निर्धारित श्रेणियों के पात्र आवंटी लाभ ले सकते हैं। पात्र आवंटी अपने प्लॉट आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके एचएसवीपी पोर्टल पर अपनी निर्धारित छूट राशि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

वैशाली सिंह ने बताया कि योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए आवंटी योजना पोर्टल पर जाकर अपने मामले की स्थिति और निर्धारित छूट राशि देख सकते हैं। योजना से संबंधित ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की जानकारी या सहायता की आवश्यकता होने पर आवंटी अपने संबंधित एचएसवीपी एस्टेट कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं अथवा पोर्टल के माध्यम से अपना अनुरोध दर्ज करवा सकते हैं।

निर्धारित अवधि में लाभ नहीं लेने पर होगी नियमानुसार कार्रवाई

प्रशासक ने कहा कि कि यदि कोई डिफॉल्टर आवंटी निर्धारित अवधि के भीतर योजना का लाभ नहीं लेता है, तो लागू नियमों एवं विधिक प्रावधानों के अनुसार संबंधित प्लॉट के पुन: अधिग्रहण की कार्रवाई प्रारंभ की जा सकती है। उन्होंने सभी पात्र आवंटियों से अपील की कि वे 31 दिसंबर 2026 की अंतिम तिथि को ध्यान में रखते हुए समय पर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और योजना के तहत उपलब्ध वित्तीय राहत का अधिकतम लाभ उठाएं।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर