गुरुग्राम: कलेक्शन एजेंट बन फर्जी रसीद जारी कर 21.77 लाख की करी धोखाधड़ी
-ठगी के लिए कलेक्शन एजेंट बने दो आरोपी गिरफ्तार
-ग्राहकों से नकद ईएमआई के रुपये लेकर कंपनी में जमा नहीं किए
-आरोपियों ने 24 खाताधारकों को बनाया शिकार
गुरुग्राम, 06 अगस्त (हि.स.)। फर्जी रसीदें और एनओसी जारी कर फाइनेंस कंपनी व उसके ग्राहकों के साथ 21 लाख 77 हजार रुपये से अधिक की धोखाधड़ी कर ली गई। इस धोखाधड़ी में शामलि दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने गुरुवार को बताया कि दोनों आरोपी खुद को फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों से नकद ईएमआई की राशि वसूलते थे और उसे कंपनी में जमा नहीं करते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजीत कुमार और धीरज कुमार दोनों निवासी जिला बेगूसराय बिहार के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार 29 नवंबर 2025 को अर्थमेट फाइनेंसिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व नाम ममता फाइनेंस प्रा. लि.) के अधिकृत प्रतिनिधि ने थाना मेट्रो गुरुग्राम में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि कंपनी ने सीड कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर धीरज कुमार और संजीत कुमार को ऋणधारकों से ईएमआई की राशि एकत्रित करने के लिए कलेक्शन एजेंट नियुक्त किया था। लेकिन दोनों ने कंपनी का नाम इस्तेमाल कर ग्राहकों से नकद ईएमआई वसूली और वह राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की। आरोपियों ने कुल 24 ऋण खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी कर कंपनी को 21,77,630 रुपये का चूना लगाया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे थे। वे ग्राहकों के घर जाकर खुद को अर्थमेट फाइनेंस का अधिकृत प्रतिनिधि बताते थे। ईएमआई के बदले फर्जी नकद रसीदें थमा देते थे। कुछ ग्राहकों को तो फर्जी एनओसी भी जारी कर दी गई। रसीद और एनओसी देखकर ग्राहकों को लगा कि उनका लोन खाता बंद हो गया है, जबकि हकीकत में एक भी रुपया कंपनी तक नहीं पहुंचा था। थाना मेट्रो पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की। थाना मेट्रो की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि वे कंपनी के जरिए कलेक्शन का काम देखते थे और इसी आड़ में पैसे हड़प रहे थे। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों के द्वारा किए गए फर्जीवाड़े में यह भी जांच की जा रही है कि इस धोखाधड़ी में और कोई शामिल तो नहीं था। धोखाधड़ी से प्राप्त राशि और इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेजों को भी बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर