गुरुग्राम: रोडवेज ड्राइवरों को बस चलाने का अनुभव है आग बुझाने का नहीं...
-हड़ताली दमकल कर्मचारियों ने रोडवेज स्टाफ से आग बुझवाने पर जताई आपत्ति
-कहा, आग बुझाने का उन्हें अनुभव ना होने से हो सकती है बड़ी हानि
-दमकल विभाग कर्मचारियों ने 22 अप्रैल तक बढ़ाई हड़ताल
गुरुग्राम, 19 अप्रैल (हि.स.)। दमकल विभाग के कर्मचारियों की चल रही हड़ताल को लेकर रविवार को सरकार से बातचीत बेनतीजा रही। इसके बाद कर्मचारी यूनियन ने हड़ताल 22 अप्रैल तक बढ़ा दी। रविवार को 12वें दिन की हड़ताल पर कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। हड़ताल की अध्यक्षता जिला प्रशासन साहुल खान ने की व संचालन जोगिंदर ने किया।
जिला प्रधान साहुन खान ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही दमकल कर्मचारियों की 22 सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं किया तो उन्हें मजबूरन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बिना ट्रेनिंग के रोडवेज के चालकों से काम लेने की सरकार की कार्यप्रणाली सही नहीं। इस पर सवाल उठाए उन्होंने कहा कि सरकार रोडवेज चालकों और अप्रशिक्षित युवाओं को बुलाकर फायर ब्रिगेड का काम चलाना चाह रही है, जो बेहद खतरनाक है। आग बुझाने जैसे गंभीर और जोखिम भरे काम के लिए इन लोगों को कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई है। यदि शहर में कोई बड़ी आगजनी होती है तो अनुभवहीनता के कारण जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। उन्होंने कहा फरीदाबाद अग्निकांड में दमकल विभाग के शहीद कर्मचारियों को एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग सबसे प्रमुख है। मांगों पर सहमति न बनने पर हरियाणा सरकार पर अडिय़ल रवैये का आरोप लगाते हुए नाराज दमकल विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि अपनी जान पर खेलकर दूसरों की जीवन बचाने वालों का जीवन सरकार को इतना सस्ता क्यों लग रहा है। धरने को फायरमैन महावीर शर्मा, दलजीत शर्मा, सतपाल, नवीन, राजकुमार, अनिल कुमार, सुरजीत, हरिओम, नरेंद्र यादव और इकबाल ने संबोधित किया। सभी ने अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से पूरा करने की मांग की।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर