गुरुग्राम के सीनियर फायर ऑफिसर के खिलाफ जमानती वारंट

 

आरटीआई के उल्लंघन पर आयोग ने दिखाई सख्ती

गुरुग्राम, 08 सितंबर (हि.स.)। एक आरटीआई का जवाब के मामले में गुरुग्राम के सीनियर फायर ऑफिसर के खिलाफ हरियाणा सूचना आयोग ने जमानती वारंट जारी किया है। मामले की सुनवाई में फायर ऑफिसर के गैर-हाजिर रहने को आयोग ने आरटीआई एक्ट का जानबूझकर उल्लंघन माना है।

जानकारी के अनुसार आरटीआई कार्यकर्ता हरिंद्र ढींगड़ा ने 16 मीटर से ऊंची इमारतों को दी गई फायर एनओसी को लेकर फायर ब्रिगेड कार्यालय में आरटीआई लगाई थी। आरटीआई कार्यकर्ता ने फायर एनओसी की अनदेखी पर लागू कानून, नियम, बाय-लॉज, सर्कुलर और दंड/जुर्माने के प्रावधानों की प्रमाणित कॉपी और मिनी सचिवालय, पुलिस कमिश्नर कार्यालय सोहना चौक, नगर निगम, हुडा प्रशासक कार्यालय, नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशालय, जिला कोर्ट, एचएसआईआईडीसी और कादरपुर सीआरपीएफ कैंप परिसर जैसे प्रमुख सरकारी परिसरों को हरियाणा फायर सर्विसेज एक्ट के तहत जारी नोटिस, फाइल, नोटशीट और कार्रवाई की कॉपियां मांगी थी।

फायर ऑफिसर ने न तो जानकारी दी और न ही हरियाणा सूचना आयोग के सामने पेश हुए। आयोग ने पुलिस कमिश्नर के माध्यम से वारंट भेजकर एक अक्टूबर 2026 को उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। हरियाणा सूचना आयोग ने इस मामले में कहा कि अधिकारी ने मांगी गई जानकारी नहीं दी, साथ ही समन के बावजूद सुनवाई में नहीं पहुंचे। कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया। इस मामले में वर्तमान में सीनियर फायर ऑफिसर नरेंद्र यादव ने मंगलवार को कहा कि उनके पास अभी आयोग के आदेश की कॉपी नहीं पहुंची है। उन्हें यह काफी पुराना केस लग रहा है। आदेश की कॉपी मिलने पर पता चल पाएगा कि यह केस उनके कार्यकाल का है या पहले का।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर