गुरुग्राम: फर्जी कर्मचारियों के नाम पर कंपनी में 47 लाख का गबन, तीन गिरफ्तार
-2022 से 2026 के दौरान अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रचा षड्यंत्र
गुरुग्राम, 03 जून (हि.स.)। पुलिस ने मानव संसाधन और मैनपावर सेवा देने वाली एक कंपनी के साथ लगभग 47 लाख रुपये की धोखाधड़ी और गबन के मामले में कंपनी के पूर्व कर्मचारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बुधवार को बताया कि आरोप है कि इन्होंने फर्जी कर्मचारियों की एंट्री कर परिजनों के खातों में कंपनी का पैसा ट्रांसफर कर दिया था।
जानकारी के अनुसार 30 मई 2026 को कंपनी की ओर से पुलिस को एक शिकायत दी गई थी। शिकायत में कहा गया कि कंपनी में कार्यरत कर्मचारी हरिओम ने 2022 से 2026 के दौरान अपने पद का दुरुपयोग करते हुए परिजनों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। उसने कंपनी के रिकॉर्ड में फर्जी कर्मचारियों की एंट्री की और उनके नाम पर वेतन, रीइम्बर्समेंट और अन्य खर्चों के फर्जी भुगतान दिखाकर 47 लाख रुपये अपने परिजनों के बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। कंपनी के आंतरिक ऑडिट के दौरान यह वित्तीय अनियमितता सामने आई। शिकायत पर थाना सेक्टर-50 में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
सेक्टर-50 पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दो जून 2026 को तीनों आरोपियों को भिवाड़ी, राजस्थान से गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सज्जन कुमार, दीपक कुमार और हरिओम के रूप में हुई है। तीनों हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, अरावली विहार, भिवाड़ी के निवासी हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी हरिओम कंपनी में वित्तीय कार्यों और वेतन वितरण की जिम्मेदारी संभालता था। इसी का फायदा उठाकर उसने परिजनों के नाम पर फर्जी कर्मचारी रिकॉर्ड तैयार किए और कंपनी की राशि उनके खातों में भेज दी। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब धनराशि के लेन-देन, बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों और मामले से जुड़े अन्य वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है। इसके साथ ही इस प्रकरण में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर