गुरुग्राम: पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया के खिलाफ फर्जी ग्रांट घोटाले में केस दर्ज
-अपने ही नाम पर मकान के पते पर ग्रांट जारी करने का आरोप
गुरुग्राम, 28 अप्रैल (हि.स.)। फर्जी वोट केस में अदालती कार्रवाई झेल रहे पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया के खिलाफ अब फर्जी ग्रांट घोटाले में केस दर्ज किया गया है। यहां न्यू कालोनी पुलिस थाना में सुखबीर कटारिया समेत पांच लोगों के खिलाफ यह केस दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ओमप्रकाश कटारिया निवासी गुडग़ांव गांव की ओर से यह केस दर्ज कराया है। मंगलवार को पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया ने इस आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पूर्व में उन्हें इस मामले में क्लीनचिट मिल चुकी है।
सीजेएम मनीष कुमार की स्पेशल कोर्ट में सेक्टर-12 निवासी शिकायतकर्ता ओमप्रकाश की ओर से इस बारे में अदालत में याचिका दायर की थी। शिकायत में कहा गया कि गुुरुग्राम से निर्दलीय विधायक बनकर सुखबीर कटारिया ने मंत्री रहते हुए वीर नगर गुरुग्राम में मकान नंबर-605/20 के लिए यह ग्रांट अनंत सिंह, शर्मिला देवी और बसंती देवी के नाम पर जारी की गई। आरोप है कि इस मकान के नाम पर एक सोसायटी बनाकर उसे भी सरकारी ग्रांट दी गई। जिन लोगों के नाम पर ग्रांट दी गई, उनमें से एक सरकारी कर्मचारी होने की भी जानकारी सामने आई है। जिस मकान के लिए ग्रांट दी गई, उसके बिजली बिल से खुलासा हुआ कि वह मकान मंत्री सुखबीर कटारिया के नाम पर है। यानी उन्होंने दूसरों के नाम पर अपने लिए ही ग्रांट ले ली।
शिकायतकर्ता ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2013-14 में तीन लाख रुपये की ग्रांट आनंद को घर बनाने के लिए व वर्ष 2012-13 में एक लाख रुपये की ग्रांट शर्मिला को पति की दवा और कपड़ों के लिए दी गई। इस तरह वर्ष 2014-15 में 1.65 लाख रुपये की ग्रांट दवा और बच्चों की फीस के लिए, वर्ष 2014-15 में ही 50 हजार रुपये की ग्रांट कपड़ों के लिए दी गई। वर्ष 2014-15 में 10 लाख रुपये की ग्रांट प्रगति विकास समिति के नाम पर दी गई। वह इसी मकान पर रजिस्टर्ड कराई गई। मकान का बिजली का मीटर पिछले 20 साल से सुखबीर कटारिया के नाम पर है। सीजेएम मनीष कुमार की कोर्ट ने के आदेश पर थाना न्यू कॉलोनी में पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया, शर्मिला, आनंद सिंह, बसंती देवी, संजीव और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
इस मामले में पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया ने कहा कि इन आरोपों की जांच के लिए दो बार एसआईटी गठित की जा चुकी है। एसआईटी जांच में उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है। न्याय पालिका पर उन्हें भरोसा है। इस बार भी जांच में वे पूरा सहयोग करेंगें। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दी जाने वाली सभी प्रकार की ग्रांट डीसी, एसडीएम के माध्यम से दी जाती है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर