गुरुग्राम: मनी लांड्रिंग के आरोपी पंजाब के मंत्री का ईडी रिमांड दो दिन बढ़ा
-शनिवार को ईडी की ओर से अदालत में पेश किया गया
गुरुग्राम, 16 मई (हि.स.)। सौ करोड़ रुपये मनी लांड्रिंग के आरोपी पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा को शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सात दिन के रिमांड के बाद अदालत में पेश किया। अदालत से ईडी ने पांच दिन का रिमांड और मांगा था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दो दिन का रिमांड दिया। ईडी के मुताबिक पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा ने गुरुग्राम में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी थी। उसमें संदिग्ध तरीके से पैसे का लेन-देन किया। काफी समय से इसकी जांच की जा रही थी। ईडी ने दावा किया कि मंत्री के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध निवेश से जुड़े कई अहम दस्तावेज मिले। इन दस्तावेजों के आधार पर ही अरोड़ा से पूछताछ की जा रही है। ईडी ने नौ मई 2026 को मंत्री संजीव अरोड़ा को उनके चंडीगढ़ आवास से गिरफ्तार किया था। वहां से गिरफ्तारी के बाद उन्हें गुरुग्राम सत्र न्यायालय में पेश किया गया। उन्हें सात दिन के रिमांड पर ईडी को दिया गया। ईडी की ओर से सात दिन के रिमांड के बाद शनिवार को उन्हें फिर से अदालत में पेश किया गया और पांच दिन का रिमांड और मांगा। ईडी का कहना है कि शेल कंपनियों के जरिए पैसा रूट करने, बेनामी संपत्ति खरीदने और कई लोगों को एक साथ बिठाकर पूछताछ करने की जरूरत है।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने ईडी की रिमांड अर्जी पर विरोध जताया। ईडी की ओर तर्क दिया गया कि मंत्री संजीव अरोड़ा जांच में पहले भी सहयोग कर चुके हैं। सभी दस्तावेज एजेंसी के पास हैं। ऐसे में हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि पूछताछ जरूरी है, फिलहाल दो दिन की रिमांड काफी होगी। कोर्ट ने ईडी को निर्देश दिया कि रिमांड अवधि में कानूनी प्रक्रिया का पूरा पालन किया जाए। दो दिन का और रिमांड मिलने के बाद ईडी की टीम अब मंत्री से मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी संपत्तियों, बैंक खातों और संदिग्ध लेन-देन पर सवाल-जवाब कर रही है। ईडी मंत्री द्वारा गुरुग्राम में खरीदी गई प्रॉपर्टी के लिए पैसों के प्रबंध और निवेश को लेकर पूछताछ करेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर