गुरुग्राम: हरियाणा में नकली दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, कई गिरोह पकड़े
-गुरुग्राम में एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई
गुरुग्राम, 21 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा फूड एवं ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) द्वारा राज्यभर में अवैध दवा कारोबार पर लगातार प्रहार किया जा रहा है। विशेष रूप से गुरुग्राम क्षेत्र में संचालित अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय नकली दवा नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर अमनदीप चौहान के मुताबिक फूड एवं ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) गुरुग्राम की टीम ने हाल के वर्षों में कई बड़े मामलों का खुलासा कर नकली दवाओं के संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
वर्ष 2024 में गुरुग्राम के सेक्टर-39 स्थित एक मेडिकल स्टोर एवं आवासीय परिसर पर छापेमारी कर गठिया रोग के उपचार में प्रयुक्त टोफाजैक दवा की 1,000 से अधिक नकली डिब्बियां बरामद की गईं। मौके से यूसुफ खान, मोहम्मद जुबैर और मोहम्मद नसीम को गिरफ्तार किया गया, जबकि नियामत सहित चार आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया। वर्ष 2025 में एफडीए गुरुग्राम ने हेड ऑन (सोमाट्रोपेन) नामक नकली हार्मोन इंजेक्शन के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया। जांच के दौरान कुरियर एवं अवैध वितरण चैनलों के माध्यम से संचालित नेटवर्क का पता लगाया गया। इस मामले में हरी ओम को गिरफ्तार किया गया, जबकि फरार आरोपी जतिन खन्ना की अग्रिम जमानत को 20 जुलाई 2026 को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया। अप्रैल 2026 में डीएलएफ फेज-4 एवं सेक्टर-69 में छापेमारी कर नकली माउंटजारो (वजन कम करने एवं मधुमेह के उपचार में प्रयुक्त इंजेक्शन) का बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया। कार्रवाई के दौरान लगभग 70 लाख रुपये मूल्य के नकली इंजेक्शन जब्त किए गए।
इस मामले में अवि शर्मा और मुजामिल खान को मौके से गिरफ्तार किया गया, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
नकली दवा मामले में अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश
जुलाई 2026 में एफडीए गुरुग्राम ने नकली टेल्मा-एएम टैबलेट के निर्माण एवं वितरण में शामिल अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। जांच में पता चला कि दिल्ली के ओखला स्थित एक बिना लाइसेंस वाले थोक विक्रेता के माध्यम से नकली दवाएं गुरुग्राम के मेडिकल स्टोरों तक पहुंचाई जा रही थीं। इस मामले में पहले सुव्रत को गिरफ्तार किया गया तथा उसकी निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से जुबैर को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान दिल्ली एवं गुरुग्राम एफडीए की टीम ने ओखला स्थित परिसर से 323 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं भी बरामद कीं, जिन्हें बिना वैध ड्रग लाइसेंस के रखा गया था। यह कार्रवाई 20 जुलाई देर रात सवा दो बजे तक चली। एफडीए गुरुग्राम की प्रवर्तन टीम, जिसमें अमनदीप चौहान, सुरेश कुमार एवं मुकेश कुमार, ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर शामिल हैं, ने इन प्रमुख मामलों में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कराया है। इनमें से 10 गिरफ्तारियां सीधे तौर पर अमनदीप चौहान द्वारा जांच एवं फील्ड ऑपरेशन के दौरान की गई हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर