गुरुग्राम: दुबई बैठकर ठगी करने वाली महिला समेत दो आरोपी काबू
-ठगी के इस मामले में दुबई में काम करने वाली महिला सहित दो गिरफ्तार
गुरुग्राम, 26 मई (हि.स.)। साइबर ठगी के एक बड़े मामले का गुरुग्राम पुलिस ने खुलासा किया है। सिम बॉक्स के जरिए अंतरराष्ट्रीय कॉल को स्थानीय नंबरों में बदलकर इन्वेस्टमेंट और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दुबई में काम करने वाली एक महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
साइबर अपराध दक्षिण थाना पुलिस ने तकनीकी सहायता से कार्रवाई करते हुए दो अप्रैल 2026 को एमराल्ड प्लाजा, सेक्टर-65 स्थित एक ऑफिस पर रेड मारी थी। वहां से चार सिम बॉक्स, नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्शन से जुड़ी डिवाइस बरामद की गई थीं। जांच में सामने आया कि इन सिम नंबरों का इस्तेमाल इन्वेस्टमेंट और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को ठगने में किया जा रहा था। ऑफिस के डायरेक्टर के खिलाफ थाना साइबर अपराध दक्षिण में विभिन्न धाराओं और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने 26 मई 2026 को गुरुग्राम से मनोज (32 वर्ष) और तमन्ना (25 वर्ष) जिला झज्जर को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मनोज का सर्विस स्टेशन है, जबकि तमन्ना दुबई की एक कंपनी में काम करती है।
तमन्ना की दुबई में विदेशी नागरिक से मुलाकात से शुरू हुई ठगी
आरोपियों ने बताया कि दुबई में तमन्ना की मुलाकात एक विदेशी नागरिक से हुई थी। उसके कहने पर दोनों ने मिलकर सिम बॉक्स खरीदे और टिकाल एआई कॉल सेंटर के नाम से ऑफिस रजिस्टर कर वहां सेटअप किया। इसके बदले उन्हें करीब सात लाख रुपये मिले थे। इन सिम बॉक्स के जरिए अंतरराष्ट्रीय नंबरों को लोकल नंबरों में बदला जाता था। फिर लोगों को कॉल कर इन्वेस्टमेंट और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी की जाती थी। पुलिस के अनुसार इस मॉड्यूल से जुड़ी देश के अलग-अलग राज्यों में 21 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने मंगलवार को बताया कि बढ़ते साइबर अपराधों को रोकने और अपराधियों को पकडऩे के लिए पुलिस त्वरित कार्रवाई कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर