गुरुग्राम के डीटीपी काे सूचना आयोग ने लगाया जुर्माना,अनुशासन की ट्रेनिंग देने की सिफारिश

 

गुरुग्राम, 01 सितंबर (हि.स.)। गुरुग्राम शहर में कब्जे तोडऩे को लेकर खौफ का पर्याय बने नगर निगम के डीटीपी एवं नोडल अधिकारी आरएस बाठ पर सूचना आयोग ने सख्ती दिखाई है। आयोग की ओर से डीटीपी पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगया गया है। उन पर आरटीआई के माध्यम से मांगी गई जानकारी देने में लापरवाही पर यह कार्रवाई की गई।

राज्य सूचना आयुक्त डॉ. अजय सुरा की ओर से हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव को सिफारिश की है कि आरएस बाठ को हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में भेजकर कर्तव्य निर्वहन और कानून की विशेष ट्रेनिंग दिलाई जाए। आयोग ने कहा कि उन्हें कानून और अनुशासन सिखाने की जरूरत है। मामला चार जनवरी 2022 की एक आरटीआई का है। आरटीआई कार्यकर्ता भारत जैन ने नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से 2007 से 2016 के बीच स्वीकृत ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए आंशिक कब्जा सर्टिफिकेट जारी करने के नियमों की बिंदु अनुसार जानकारी मांगी थी। आयोग ने 13 जुलाई 2023 को ही दो सप्ताह में जानकारी देने का आदेश दिया था, लेकिन विभाग की ओर से देरी की जाती रही। आरएस बाठ ने आयोग में दलील दी कि संबंधित नियम, नीतियां वेबसाइट पर उपलब्ध हैं और आवेदक को रिकॉर्ड निरीक्षण का मौका भी दिया गया था। आयोग ने तर्क खारिज करते हुए कहा कि यदि नागरिक ने विशिष्ट जानकारी मांगी है और वह विभाग के पास उपलब्ध है, तो जनसूचना अधिकारी को प्रत्येक बिंदु पर स्पष्ट जवाब देना होगा। केवल वेबसाइट का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता।

सुनवाई में यह पता चला कि डीटीपी आरएस बाठ को कई अवसर दिए गए, लेकिन वे बार-बार सुनवाई से नदारद रहे। 30 जुलाई 2026 के आदेश के बाद भी निदेशक को उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश देने पड़े। आयुक्त ने कहा कि वैधानिक प्राधिकरण के निर्देश सलाह नहीं होते, उनका पालन करना सरकारी पद का अनिवार्य दायित्व है। जुर्माना राशि तीन महीने में वसूलनी होगी। ट्रेनिंग में कानून के अनुसार ड्यूटी, वैधानिक अथॉरिटी के निर्देशों का पालन, इंस्टीट्यूशनल डिसिप्लिन, रिकॉर्ड मैनेजमेंट और जवाबदेही जैसे विषय शामिल करने को कहा गया है। आवेदक को सात दिन में निरीक्षण की तारीख बताकर 45 दिन में अनुपालन रिपोर्ट आयोग को देनी होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर