गुरुग्राम: डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, रोड स्वीपिंग, वाहनों व मैनपावर का पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
-पोर्टल आधारित रिपोर्ट के अनुसार होगा भुगतान
-एसडब्ल्यूएम मॉनिटरिंग पोर्टल से होगी ठोस कचरा प्रबंधन कार्यों की प्रभावी निगरानी के आदेश
गुरुग्राम, 03 अगस्त (हि.स.)। शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा द्वारा संचालित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) मॉनिटरिंग पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन एवं उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम गुरुग्राम कार्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त निगमायुक्त, संयुक्त आयुक्त, वरिष्ठ सफाई निरीक्षक, सफाई निरीक्षक, सहायक सफाई निरीक्षक, सफाई सुपरवाइजर तथा ठोस कचरा प्रबंधन कार्य से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एसडब्ल्यूएम मॉनिटरिंग पोर्टल की कार्यप्रणाली, पंजीकरण प्रक्रिया तथा पोर्टल के माध्यम से कार्यों की निगरानी और मूल्यांकन की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी एजेंसियां अपने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, रोड स्वीपिंग, कचरा परिवहन से जुड़े वाहनों एवं मैनपावर का पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण करें तथा उन्हें क्षेत्रवार कार्य आवंटित करें। यह पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित है, जिससे सफाई कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी। प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि भविष्य में केवल उन्हीं वाहनों एवं मैनपावर का भुगतान किया जाएगा, जिनका एसडब्ल्यूएम मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीकरण होगा तथा जिनके कार्य का रिकॉर्ड पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा। पोर्टल पर दर्ज रिपोर्ट और कार्य निष्पादन के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा। साथ ही एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि पंजीकृत वाहन एवं मैनपावर केवल उन्हें आवंटित क्षेत्र में ही कार्य करें। यदि निर्धारित क्षेत्र के बाहर कार्य पाया गया या पोर्टल पर रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हुआ, तो संबंधित कार्य की अदायगी नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। एसडब्ल्यूएम मॉनिटरिंग पोर्टल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे सफाई कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी, संसाधनों का बेहतर उपयोग तथा कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम से यह स्पष्ट रूप से पता चलेगा कि किस क्षेत्र में कौन-सा वाहन और कितनी मैनपावर कार्यरत है तथा कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा रहा है या नहीं। इससे कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही तय होगी और नागरिकों को बेहतर स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर