गुरुग्राम: डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को किया जाएगा और अधिक मजबूत: डॉ. सुमिता मिश्रा

 


-डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए हुई राज्य स्तरीय कार्यशाला

-अगले दो माह में जिला स्तर पर की जाएंगी कार्यशालाएं

गुरुग्राम, 03 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) देश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। यह केवल डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य मरीज और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के बीच ऐसी भरोसेमंद एवं निर्बाध व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सुरक्षित रूप से उपलब्ध हो और विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। यह बात उन्होंने एबीडीएम मॉडल जिला एवं स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित राज्य स्तरीय कार्यशाला के दौरान कही।

डा. सुमिता मिश्रा ने कहा कि एबीडीएम की सफलता तभी संभव है, जब सरकारी के साथ-साथ निजी स्वास्थ्य क्षेत्र भी इसे अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सक्रिय रूप से अपनाएं। डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि हरियाणा में सरकारी अस्पतालों और चिकित्सकों का एबीडीएम के तहत पंजीकरण लगभग पूर्ण हो चुका है, लेकिन निजी अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों तथा स्वास्थ्य पेशेवरों की भागीदारी को और बढ़ाने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला का मकसद केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर उनकी शंकाओं और व्यावहारिक समस्याओं को समझना तथा उनका समाधान करना है।

उन्होंने कहा कि एबीडीएम आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनेगा। इसलिए स्वास्थ्य संस्थानों को समय रहते डिजिटल व्यवस्था के लिए तैयार होना चाहिए। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ाना समय की आवश्यकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों, स्वास्थ्य संस्थानों, चिकित्सकों और तकनीकी भागीदारों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि हरियाणा में अगले दो महीनों के दौरान जिला स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य संस्थानों को एबीडीएम से जोडऩे, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग को बढ़ाने तथा क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं का मौके पर समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत हरियाणा ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। प्रदेश में अब तक 1.92 करोड़ से अधिक आभा पहचान-पत्र बनाए जा चुके हैं, जो राज्य की अनुमानित आबादी का लगभग 65 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि अब सरकार का लक्ष्य कवरेज को और बढ़ाने के साथ-साथ डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी एवं सार्थक उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की करीब 98 प्रतिशत सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री पर पंजीकृत हो चुकी हैं, जबकि 90 प्रतिशत से अधिक लक्षित सरकारी चिकित्सकों का स्वास्थ्य पेशेवर रजिस्ट्री पर पंजीकरण पूरा किया जा चुका है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर