चंडीगढ़: हर जिले में सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधा उपलब्ध कराने के सीएम ने दिए निर्देश

 


-सीएम बोले-अस्पतालों में न हो देरी, न हो लापरवाही—हर स्तर पर जवाबदेही तय

-मुख्यमंत्री ने की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा

चंडीगढ़, 30 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब मरीजों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने सभी जिलों में सीटी स्कैन और एमआरआई सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, अस्पतालों में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी दूर करने तथा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक एवं विस्तृत समीक्षा बैठक की।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर देते हुए स्पष्ट किया कि 12 जिलों में सीटी स्कैन और एमआरआई की उपलब्धता जल्द कराई जाए, ताकि मरीजों को उच्च स्तरीय जांच सुविधाओं के लिए अन्य जिलों में न जाना पड़े और उन्हें अपने ही जिले में बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य ढांचे का चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाए। बैठक के दौरान अस्पतालों में मरीजों की संख्या के अनुरूप व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर उपचार मिलना चाहिए। इसके लिए आवश्यकतानुसार स्टाफ की तैनाती, ड्यूटी रोस्टर और कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदेश के मेडिकल कॉलेज की प्रगति, ई—उपचार सेवा, आयुष्मान योजना के साथ साथ युद्ध के इस माहौल में दवा के स्टॉक, एबुलैंस में तेल की व्यवस्था और अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाले खाने इत्यादि की व्यवस्था के लिए एलपीजी उपलब्धता बारे भी चर्चा हुई। जिस पर अधिकारियों ने बताया कि इस दिशा में ठोस कदम उठाये गए है, तथा किसी प्रकार की कहीं कोई दिक्कत नहीं है।

इस दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, स्वास्थ्य विभाग के सचिव एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हरियाणा के मिशन निदेशक आरएस ढिल्लो, स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के महानिदेश डॉ. मनीष बंसल सहित अधिकारीगण मौजूद थे।

सीएमओ की जवाबदेही होगी तय

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सिविल सर्जन यानि सीएमओ की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी जवाबदेही सुनिश्चित की जाएं। यह भी निर्देश दिए कि जिलों में तय लक्ष्यों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किया जाए और प्रदर्शन आधारित निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए। अधिकारियों ने बैठक में मुख्यमंत्री को बताया कि मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की नियुक्ति बारे भी दिशा निर्देश दिए जा चुके है, जब तक फुल टाइम स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की तैनातनी नहीं होती, तब तक कांट्रेक्ट पर चिकित्सों की तैनाती की जाएगी।

प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया, पारदर्शिता और समयबद्धता को करे सुनिचित:

मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं, उपकरणों और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रोक्योरमेंट प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि दवाओं और उपकरणों की खरीद में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं। इसके साथ ही, गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और आवश्यकतानुसार बेहतर प्रथाओं को अपनाने पर भी जोर दिया गया।

सफाई व्यवस्था बेहतर मिले, हर सुविधा हो

मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में साफ-सफाई की व्यवस्था को सुदृढ़ करने और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में स्वच्छ वातावरण, सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने फीडबैक तंत्र को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि मरीजों के अनुभव के आधार पर सेवाओं में निरंतर सुधार किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा