गुरुग्राम: विपक्ष को नीट पर चर्चा में भाग लेना चाहिए, लेकिन वह चर्चा से भाग रहा है: नायब सैनी

 




नीट मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, सरकार हर चर्चा के लिए तैयार

गुरुग्राम, 24 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नीट परीक्षा और पेपर लीक जैसे मामलों को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार संसद में इस विषय पर चर्चा के लिए भी पूरी तरह तैयार है और विपक्ष को भी सकारात्मक भूमिका निभाते हुए चर्चा में भाग लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि कांग्रेस और समूचा विपक्ष नीट पर चर्चा से भाग रहा है। वे शुक्रवार देर शाम भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। नरेंद्र मोदी सरकार कभी भी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कठोर कानून और प्रभावी व्यवस्था बनाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन युवाओं के इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। यदि विपक्ष के पास कोई सार्थक सुझाव है तो उसे संसद में चर्चा के दौरान रखना चाहिए। सरकार हर सकारात्मक सुझाव पर विचार करने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही है। उसके शासनकाल में अनेक बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं। कई मामलों में परीक्षाएं समय पर रद्द नहीं की गईं और अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की है। नीट परीक्षा का परिणाम भी घोषित हो चुका है और सफल विद्यार्थी समय पर अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने का अपराध किया है, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस विषय को लेकर अत्यंत गंभीर हैं। उन्होंने लोकसभा में भी स्पष्ट कहा है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को भी इस विषय पर रचनात्मक सहयोग देना चाहिए, ताकि भविष्य में देश के किसी भी छात्र को इस प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर