गुरुग्राम: बाल देखभाल संस्थानों के लिए जारी किया गया वैधानिक परामर्श

 


-बच्चों की रिकॉर्डिंग को बिना अनुमति देखने, उसकी प्रतिलिपि बनाने या दूसरों तक पहुंचाने पर रोक

गुरुग्राम, 16 अक्टूबर (हि.स.)। प्रदेश के सभी बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों की निजता, गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरों के इस्तेमाल को लेकर शुक्रवार को वैधानिक परामर्श जारी किया है। संस्थानों में सीसीटीवी व्यवस्था को निजी मोबाइल फोन और लैपटॉप से जोडऩे पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही बच्चों की रिकॉर्डिंग को बिना अनुमति देखने, उसकी प्रतिलिपि बनाने या दूसरों तक पहुंचाने पर रोक लगाई गई है।

हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तृप्ति श्योराण ने संस्थानों के निरीक्षण के दौरान पाया कि कुछ स्थानों पर सीसीटीवी व्यवस्था निजी मोबाइल फोन और लैपटॉप से जुड़ी हुई थी। इससे बच्चों की गतिविधियों की रिकॉर्डिंग अनधिकृत व्यक्तियों तक पहुंचने का खतरा रहता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीसीटीवी व्यवस्था और उसकी रिकॉर्डिंग पर संस्थान के प्रभारी का नियंत्रण रहे तथा इसे देखने की अनुमति केवल अधिकृत कर्मचारियों को दी जाए। परामर्श के अनुसार सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग की तस्वीर लेना, उसे डाउनलोड करना या व्हाट्सऐप, सामाजिक माध्यमों और ईमेल के जरिए साझा करना प्रतिबंधित रहेगा।

शौचालय, स्नानघर और कपड़े बदलने वाले स्थानों पर कैमरे नहीं लगाए जा सकेंगे। रिकॉर्डिंग से जुड़े उपकरणों और पासवर्ड को सुरक्षित रखने तथा किसी घटना से संबंधित रिकॉर्डिंग को कानूनी प्रक्रिया के लिए सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

तृप्ति श्योराण ने स्पष्ट किया कि संस्थानों में सीसीटीवी व्यवस्था की जांच के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि रिकॉर्डिंग तक पहुंच केवल अधिकृत व्यक्तियों की हो। बच्चों की निजता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए निगरानी के साथ रिकॉर्डिंग की गोपनीयता बनाए रखना भी आवश्यक है, ताकि बच्चों की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी अनधिकृत व्यक्तियों तक न पहुंचे।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर