गुरुग्राम: किसानों की लाश पर बिछेगी बिजली की लाइन, निजीकरण मंजूर नहीं: रतन मान
-गरीब की सब्सिडी और किसान के ट्यूबवेल पर डाका
गुरुग्राम, 20 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह जिले में 25 साल तक बिजली बांटने का समानांतर लाइसेंस दे दिया है। कागजों में कहा जा रहा है कि जनता को विकल्प मिलेगा। जमीन पर सच्चाई यह है कि 8.3 लाख परिवारों की किस्मत एक प्राइवेट कंपनी के हाथ में सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली निजीकरण का यह फैसला वापस ले, वरना बड़ा आंदोलन होगा।
रत्तन मान ने मंगलवार को यहां जारी बयान में इस फैसले को आजाद भारत के बाद बिजली क्षेत्र का सबसे बड़ा विश्वासघात बताया है। सरकार कह रही है 4717 करोड़ का निवेश आएगा। उन्होंने सवाल किया कि ये निवेश क्या कंपनी अपने घर से लाई है? ये पैसा हमारे खून-पसीने से वसूला जाएगा। आज पोल गाड़ेगी, कल तार खींचेगी और परसों हर घर में महंगा स्मार्ट मीटर लगाकर लूट शुरू कर देगी। रतन मान ने कहा कि किसान को ट्यूबवेल पर सब्सिडी मिलती है। नूंह जैसे पिछड़े जिले में गरीब आदमी को दो रुपये यूनिट बिजली मिलती है। आधी रात को भी लाइनमैन खेत में जाता है। प्राइवेट कंपनी क्या करेगी। उसका तो एक ही धर्म है-मुनाफा। नूंह का किसान पहले ही पानी के लिए तरस रहा है। अब उसे बिजली के लिए भी तरसाया जाएगा। रत्तन मान ने कहा कि गुरुग्राम के बड़े-बड़े बिजनेसमैन, मानेसर के उद्योगपति, सोहना और पटौदी के छोटे दुकानदार बहुत खुश हो रहे हैं कि 24 घंटे बिजली मिलेगी। उनको नहीं पता कि 24 घंटे बिजली के नाम पर 24 घंटे लूट मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आज सरकारी कंपनी इंडस्ट्री को 7.50 रुपये में बिजली देती है। पीक लोड में भी रेट कंट्रोल में रहता है। कल यही प्राइवेट कंपनी कहेगी-हमारा खर्चा ज्यादा है, हमारा ग्रीन पावर है, 15 रुपये यूनिट दो। फैक्ट्री वाला कहां जाएगा। दुकानदार कहां जाएगा। उसकी लागत दोगुनी हो जाएगी। प्रोडक्ट महंगा होगा, व्यापार खत्म होगा। ये सिर्फ किसान की लड़ाई नहीं है, ये गुरुग्राम के हर बिजनेसमैन की लड़ाई है। रत्तन मान ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापार मंडल, आरडब्ल्यूए , सब एक मंच पर आएं। आज अगर हम बंट गए तो कल पूरा हरियाणा बिक जाएगा। आज ट्रायल के तौर पर गुरुग्राम-नूंह को चुना है। कल हिसार, करनाल, रोहतक, पानीपत सबको बेच देंगे। इसलिए सभी वर्गों को एक होना होगा। मान ने कहा है कि अगर फैसला वापस नहीं हुआ तो किसानों की लाश पर बिजली की लाइन बिछेगी। हम अपने खेतों में एक भी प्राइवेट पोल नहीं गडऩे देंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर