गुरुग्राम में 30 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से मजबूत होगी शहरी स्वास्थ्य व्यवस्था: आरती राव

 


-गरीब व वंचित आबादी को घर के नजदीक मिलेंगी व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं

गुरुग्राम, 08 अक्टूबर (हि.स.)। जिला के गरीबों और वंचितों की अच्छी सेहत का रास्ता अब अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से निकलेगा। यहीं पर इनकी सेहत सुधरेगी। इसके लिए गुरुग्राम जिले में 30 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने, संचालित करने और प्रबंधित करने के लिए हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने मैसर्स एएसआर हॉस्पिटल्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को 26 करोड़ 20 लाख 80 हजार रुपये का कार्य आदेश जारी किया है। इसकी अवधि समझौते की तारीख से दो वर्ष रहेगी।

हरियाणा सरकार ने शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक उसके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है। अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर इसी सोच को जमीन पर उतारने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेंगे। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से शहरी गरीब, झुग्गी बस्तियों, कम आय वाले परिवारों और वंचित वर्गों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही उपलब्ध होंगी। गुरुग्राम जिले में कुल 30 स्थानों को अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें हीरा नगर, नरसिंहपुर ढाणी, हरि नगर, शक्ति नगर, भीमगढ़ खेड़ी, शिवाजी नगर, अर्जुन नगर, चंदन नगर, समालपुर, सेक्टर-56 घाटा गांव, सेक्टर-55, डीएलएफ फेज-1, सेक्टर-27, गंगा विहार, टिकरी ढाणी, मनोहर नगर, सूर्य विहार, धर्म कॉलोनी, ग्वाल पहाड़ी, प्रेम नगर, सरहौल, राम विहार, तिगरा गांव, सेक्टर-54, सराय गांव और कन्हई सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन केंद्रों का चयन इस प्रकार किया गया है कि बड़ी संख्या में लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर स्थित अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े।

अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के तहत 12 प्रमुख सेवाएं उपलब्ध होंगी। इनमें गर्भावस्था एवं प्रसव पूर्व देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, संक्रामक रोगों का प्रबंधन, सामान्य बीमारियों की ओपीडी, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग एवं उपचार, आंख व ईएनटी संबंधी सेवाएं, मौखिक स्वास्थ्य, बुजुर्ग एवं पेलिएटिव केयर, आपातकालीन सेवाएं तथा मानसिक स्वास्थ्य की प्राथमिक जांच एवं प्रबंधन शामिल हैं। इसके साथ ही योग एवं आयुष सेवाओं को भी स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। जरूरतमंद मरीजों को टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन सलाह उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर