गुरुग्राम:अडानी रियल्टी प्रबंधक की हत्या, पूर्व सहकर्मी व साथी गिरफ्तार
-रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में मारी गोली
गुरुग्राम, 18 सितंबर (हि.स.)। अडानी रियल्टी कंपनी के मैनेजर युवराज सिंह मनचंदा की हत्या का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में युवराज की पूर्व सहकर्मी आन्या वत्स और उसके लिव-इन पार्टनर संयम सचदेव को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है। दोनों पर युवराज की गर्दन में दो गोली मारकर हत्या करने और शव को गुरुग्राम के सेक्टर-70 स्थित नाले में फेंकने का आरोप है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली के सहिता विहार निवासी युवराज सिंह मनचंदा की इसी साल शादी होने वाली थी। बीती छह सितंबर 2026 को अपनी बहन के साथ लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट में शादी की खरीदारी करने गया था। इसके बाद दोनों लाजपत नगर-2 के के-ब्लाक स्थित गोल्डन ड्रैगन रेस्टोरेंट पहुंचे। शाम करीब चार बजे युवराज ने बहन से कहा कि गुरुग्राम में उसकी एक मीटिंग है और वह रात करीब 10 बजे तक घर लौट आएगा और वहां से चला आया। देर रात तक युवराज घर नहीं पहुंचा और उसका मोबाइल भी बंद हो गया। परिजनों ने उसके गुम होने की शिकायत दी। पांच दिन तक कोई सुराग नहीं मिलने पर उसकी बहन सिमरन मचंदा ने 11 सितंबर की शाम लाजपत नगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की जांच में युवराज के मोबाइल के सीडीआर और आईपीडीआर रिकॉर्ड खंगाले गए। इसमें सामने आया कि उसने अपनी पूर्व सहकर्मी आन्या वत्स से बातचीत की थी।
परिवार ने भी पुलिस को बताया कि युवराज ने गुरुग्राम में आन्या से मिलने जाने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने आन्या की तलाश शुरू की, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला।
पुलिस ने युवराज और आन्या के पूर्व कार्यालय से जुड़े लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि आन्या ने नया सिम लिया है। नए नंबर की तकनीकी जांच में उसकी लोकेशन उत्तराखंड मिली। दिल्ली पुलिस की टीम ने वहां पहुंचकर आन्या और उसके साथी संयम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर रुपये के लेनदेन को लेकर युवराज से विवाद होने की बात बताई। पुलिस के मुताबिक विवाद बढऩे पर युवराज की गर्दन में दो गोली मारी गईं। मौत के बाद दोनों ने शव करीब सात घंटे तक क्रेटा कार में रखा और बाद में सेक्टर-70 के नाले में फेंककर उत्तराखंड चले गए।
बताया जा रहा है कि आन्या और युवराज पहले एक एमआर कंपनी में साथ काम करते थे। 2022 में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद कंपनी ने आन्या को नौकरी से निकाल दिया था। पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने और हत्या के पीछे के पूरे घटना की जांच कर रही है। डीसीपी दक्षिण-पूर्वी दिल्ली विनीत कुमार के अनुसार युवती पूछताछ में बार-बार बयान बदल रही है, इसलिए सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर