गुरुग्राम: बीमा लोकपाल बनकर 1.19 करोड़ की साइबर ठगी, चार आरोपी काबू
-फर्जी आधार-पैन से खाता खुलवाकर ठगी, मुंबई से दिल्ली तक फैला था गैंग
गुरुग्राम, 07 अगस्त (हि.स.)। बीमा लोकपाल का अधिकारी बनकर 1.19 करोड़ रुपये की साइबर ठगी कर ली गई। स्थानीय पुलिस की साइबर अपराध पश्चिम थाना की टीम ने ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने शुक्रवार को बताया कि आरोपी खुद को बीमा लोकपाल का अधिकारी बताकर लैप्स पॉलिसियों के नाम पर लोगों को झांसा देते थे और अलग-अलग शुल्क के नाम पर पैसे मंगवाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भरत जनक सिंह कपाडिय़ा (उम्र 68 वर्ष) निवासी इंदिरा नगर मुंबई महाराष्ट्र, मोहम्मद मोशिरुल हक (उम्र 35 वर्ष) निवासी शिबपुर हावड़ा पश्चिम बंगाल, सुभाष कुमार (उम्र 40 वर्ष) निवासी पांडव नगर ईस्ट दिल्ली और साहिल गुसांई (उम्र 19 वर्ष) निवासी मंडावली ईस्ट दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार 27 जुलाई 2026 को एक व्यक्ति ने थाना साइबर अपराध पश्चिम में शिकायत दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि अज्ञात लोगों ने उसे फोन कर खुद को बीमा लोकपाल का अधिकारी बताया। उन्होंने कहा कि आपकी लैप्स बीमा पॉलिसियों के बदले पहले 57 लाख रुपये और बाद में एजेंट कोड समाप्त कर लाभार्थी कोड ट्रांसफर करने के नाम पर एक करोड़ तीन लाख 77 हजार 220 रुपये दिलवाए जाएंगे। भरोसा दिलाने के बाद आरोपियों ने फाइल चार्ज, मेंटेनेंस चार्ज, ट्रांजेक्शन चार्ज और फुल एंड फाइनल शुल्क के नाम पर शिकायतकर्ता से अलग-अलग समय पर कुल एक करोड़ 19 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। बाद में फोन बंद कर दिया गया। शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। थाना साइबर अपराध पश्चिम की टीम ने तकनीकी साक्ष्य, बैंक खातों और कॉल डिटेल के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांच अगस्त 2026 को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआकि मोहम्मद मोशिरुल हक ने अपने साथियों के साथ मिलकर उत्सव उपाध्याय के नाम से फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाए। इन्हीं दस्तावेजों से बैंक खाता खुलवाया गया। इसी खाते में शिकायतकर्ता के लगभग 43 लाख रुपये जमा कराए गए। भरत जनक सिंह कपाडिय़ा इस खाते से चेक के जरिए राशि निकालकर अन्य साथियों द्वारा बताए गए लोगों तक पहुंचाता था और अपना कमीशन रख लेता था।
सुभाष कुमार ईस्ट दिल्ली में साइबर कैफे चलाता है। उसने फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार किए। वहीं सबसे कम उम्र का आरोपी साहिल गुसांई ने फर्जी दस्तावेज बनवाने, सिम कार्ड जारी कराने और कॉलिंग के लिए सिम उपलब्ध कराने में मदद की। पुलिस ने सभी चार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर