कैथल: ग्राम सभाओं में आय सत्यापन में बरतें पूरी जिम्मेदारी: डीसी अपराजिता
कैथल, 25 सितंबर (हि.स.)। परिवार पहचान पत्र में दर्ज परिवारों की आय और पारिवारिक संरचना के सत्यापन को लेकर जिला प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। डीसी अपराजिता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम सभाओं के दौरान होने वाले सत्यापन में पात्र और अपात्र परिवारों की पहचान पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्यापन महज खानापूर्ति न हो, बल्कि जमीनी स्थिति के आधार पर सही जानकारी डेटाबेस में दर्ज की जाए।
डीसी ने शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर ग्राम सभाओं के आयोजन और सत्यापन प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में निर्धारित समय के भीतर ग्राम सभाएं आयोजित की जाएं और परिवार पहचान पत्र से जुड़े आय व परिवार संरचना के आंकड़ों की बारीकी से जांच की जाए। डेटा की सटीकता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में कुल 276 ग्राम सभाएं आयोजित की जानी हैं। इनमें से 40 ग्राम सभाओं में सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष ग्राम पंचायतों में प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया है। डीसी ने अधिकारियों से कहा कि सत्यापन के दौरान परिवार की वास्तविक आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखा जाए, ताकि जरूरतमंद परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें और अपात्र लोगों को योजनाओं का लाभ न मिले।
उन्होंने डेटा पंचिंग को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि परिवारों से संबंधित जानकारी दर्ज करने का काम विभागीय कर्मचारियों की निगरानी और जिम्मेदारी में ही कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का चयन काफी हद तक इसी डेटा पर निर्भर करता है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही भविष्य में पात्र परिवारों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। इससे पहले मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को ग्राम सभाओं और सत्यापन प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए थे।
बैठक में सहायक आयुक्त (अंडर ट्रेनिंग) शिवानी पांचाल, एडीसी डॉ. सुशील कुमार, जिला परिषद के सीईओ गुलजार मलिक, बीडीपीओ अनु, रितु शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे