हरियाणा से बिहार के चार शहरों के लिए शुरू हो सकती है सीधी बस सेवा
परिवहन विभाग ने 12 नए बस रूट किए तैयार
चंडीगढ़, 02 नवंबर (हि.स.)। हरियाणा से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। आने वाले समय में प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों से बिहार के चार शहरों के लिए सीधी बस सेवा शुरू हो सकती है। दोनों राज्यों की सरकारों के बीच इस संबंध में सहमति बनने के बाद हरियाणा परिवहन विभाग ने योजना को लागू करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।
यात्रियों की सुविधा के लिए एक्सप्रेस, डीलक्स, एसी डीलक्स और एसी स्लीपर जैसी बसें चलाने का विकल्प भी रखा गया है। दोनों राज्यों के बीच बस सेवा बढ़ाने की दिशा में हरियाणा सरकार ने 12 नए अंतरराज्यीय बस मार्गों का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत गुरुग्राम, पानीपत और अंबाला से बिहार के पटना, गया, पूर्णिया और मधुबनी तक बसें चलाने की योजना है। प्रस्तावित मार्गों में सबसे लंबा सफर अंबाला से पूर्णिया का होगा, जिसकी दूरी करीब 1470 किलोमीटर है। वहीं, गुरुग्राम से पटना तक बस 1044 किलोमीटर का सफर तय करेगी।
हरियाणा सरकार ने इस संबंध में अंतरराज्यीय परिवहन समझौते का मसौदा जारी कर दिया है। सरकार ने आम लोगों और संबंधित पक्षों से 30 दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। इसके बाद प्राप्त सुझावों पर विचार कर समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। फिलहाल इन बसों के संचालन की तारीख तय नहीं हुई है।
प्रस्ताव के अनुसार, हरियाणा के तीनों शहरों -गुरुग्राम, पानीपत और अंबाला से पटना के लिए अलग-अलग बस मार्ग बनाए गए हैं। गुरुग्राम से पटना का रास्ता 1044 किलोमीटर, पानीपत से 1069 किलोमीटर और अंबाला से 1274 किलोमीटर का होगा।
गुरुग्राम से चलने वाली बस सोहना, पलवल, अलीगढ़, लखनऊ, आजमगढ़, बक्सर और आरा होते हुए पटना पहुंचेगी। पानीपत से पटना जाने वाली बस दिल्ली, नोएडा, आजमगढ़, बक्सर और आरा से होकर गुजरेगी। वहीं, अंबाला से पटना का रास्ता करनाल, मेरठ, बुलंदशहर, एटा, लखनऊ, अयोध्या, बस्ती, गोरखपुर, कुशीनगर और गोपालगंज से होकर तय किया गया है।
गुरुग्राम से पूर्णिया की दूरी 1267 किलोमीटर, पानीपत से 1361 किलोमीटर और अंबाला से 1470 किलोमीटर होगी। इन मार्गों में लखनऊ, गोरखपुर, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जैसे प्रमुख शहर शामिल होंगे। गया के लिए गुरुग्राम से दो अलग-अलग बस मार्ग प्रस्तावित किए गए हैं। इनकी दूरी 1081 और 1099 किलोमीटर होगी। दोनों मार्गों में दिल्ली, अलीगढ़, फिरोजाबाद, कानपुर, प्रयागराज, मुगलसराय, भभुआ, सासाराम और औरंगाबाद के क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा अंबाला से गया के लिए 1224 किलोमीटर का मार्ग प्रस्तावित है।
मधुबनी के लिए गुरुग्राम से 1183 किलोमीटर, पानीपत से 1264 किलोमीटर और अंबाला से 1378 किलोमीटर के बस मार्ग तय किए गए हैं। इन रास्तों में लखनऊ, गोरखपुर, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जैसे शहर प्रमुख पड़ाव होंगे। मसौदे में फिलहाल बसों के रास्ते और दूरी का ब्योरा दिया गया है। बसें किस समय चलेंगी, रोजाना कितने चक्कर लगाएंगी और यात्रियों से कितना किराया लिया जाएगा, यह अभी तय नहीं हुआ है। दोनों राज्यों के परिवहन अधिकारी अपने-अपने परिवहन विभागों से बातचीत कर समय-सारिणी और दूसरी व्यवस्थाएं तय करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा