सिरसा: सफाई कर्मियो से टकराव नहीं समाधान का रास्ता निकाले सरकार: सैलजा
सिरसा, 22 अगस्त (हि.स.)। सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और शहरों में बिगड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार कर्मचारियों से बातचीत और उनकी मांगों के समाधान की बात करती है, दूसरी ओर उन्हीं कर्मचारियों और उनके नेताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। आखिर यह कहां का इंसाफ है? सरकार को टकराव का रास्ता अपनाने के बजाय कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान निकालना चाहिए।
सैलजा ने शनिवार को जारी एक प्रेस बयान में कहा कि प्रदेश के कई शहरों में करीब 17 दिन तक कूड़ा नहीं उठने से हालात गंभीर बन रहे। जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, दुर्गंध और गंदगी के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा पैदा हुआ। सरकार की पहली जिम्मेदारी थी कि वह समय रहते कर्मचारियों से संवाद करती और ऐसी स्थिति ही पैदा नहीं होने देती कि शहरों में हजारों टन कचरा जमा हो जाए।
सांसद ने कहा कि सवाल केवल यह नहीं है कि कर्मचारी हड़ताल पर क्यों गए, बल्कि सरकार को यह भी बताना चाहिए कि जिन मांगों पर पहले सहमति बनी थी, उन्हें समय पर लागू क्यों नहीं किया गया? यदि सरकार ने कर्मचारियों के साथ किए गए वादों को पूरा किया होता और लिखित आदेश जारी कर दिए होते तो शायद कर्मचारियों को हड़ताल जैसा कदम उठाने की नौबत ही नहीं आती।
कुमारी सैलजा ने कहा कि 17 दिनों तक आम जनता गंदगी और दुर्गंध से परेशान रही, लेकिन शासन-प्रशासन प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं बना सका। अब कुछ स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी में कचरा उठाया जा रहा है। कचरा उठना आवश्यक है और जनता को साफ-सफाई मिलनी ही चाहिए, लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है कि कर्मचारियों की समस्याओं और जायज मांगों का समाधान किया जाए। केवल पुलिसबल के सहारे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।
सैलजा ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों के साथ सार्थक बातचीत कर पहले से सहमत मांगों पर स्पष्ट और लिखित निर्णय लिया जाए, हिरासत में लिए गए कर्मचारी नेताओं के प्रति अनावश्यक दमनात्मक कार्रवाई से बचा जाए और प्रदेश के सभी शहरों में जमा कचरे को तत्काल उठवाकर सफाई व्यवस्था सामान्य की जाए। सरकार की प्राथमिकता टकराव नहीं, बल्कि संवाद, समाधान और जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा होनी चाहिए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma