हरियाणा सरकार ने 18 अस्पतालों को आयुष में किया एम्पैनल्ड

 

-सरकारी कर्मचारी,पेंशन भोगी व आश्रित करवा सकेंगे इलाज

चंडीगढ़, 19 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए मई 2023 में लागू की गई आयुष चिकित्सा प्रतिपूर्ति नीति के तहत 18 अस्पतालों को एम्पैनल्ड किया है।

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बुधवार को बताया कि इस नीति के तहत, यदि कोई पात्र व्यक्ति पारंपरिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से अपना इलाज कराता है, तो उसके द्वारा किए गए चिकित्सा खर्चों की प्रतिपूर्ति (रीइंबर्समेंट) राज्य सरकार द्वारा की जा रही है।

उन्होंने बताया कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य एलोपैथी के साथ-साथ पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देना और कर्मचारियों को स्वास्थ्य देखभाल के अधिक विकल्प प्रदान करना है। इसके अंतर्गत आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पद्धतियों से कराया गया इलाज पूरी तरह से कवर होता है। सरकार की इस पहल से उन पुरानी बीमारियों के इलाज में मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है, जहाँ लोग एलोपैथी की जगह पारंपरिक और प्राकृतिक उपचार को प्राथमिकता देना चाहते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि आयुष नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं देने के लिए अस्पतालों के सूचीबद्धीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयुष चिकित्सा प्रतिपूर्ति नीति के तहत अब तक आयुष विभाग द्वारा 18 निजी एवं विशेषज्ञ अस्पतालों को एम्पैनल्ड किया जा चुका है। इन सूचीबद्ध अस्पतालों में मरीज आयुष पद्धतियों से उपचार प्राप्त कर सकते हैं और बाद में नीति के नियमानुसार अपने खर्चों का दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इस नेटवर्क को और अधिक मजबूत करना है ताकि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी निकटतम आयुष केंद्रों का लाभ मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा