कचरे के हॉटस्पॉट की होगी जियो-टैगिंग

 

- माता शीतला देवी मंदिर, मनसा देवी मंदिर और ब्रह्म सरोवर पर पर्यटकों का होगा सर्वे

चंडीगढ़, 02 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने भीड़-भाड़ वाले पर्यटक एवं तीर्थ स्थलों पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (ठोस कचरा प्रबंधन) के लिए टेक्नोलॉजी पर आधारित एक रणनीति बनाई है। इसमें इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (आईओटी) वाले डिब्बों का इस्तेमाल करके लोगों की आवाजाही का डेटा इक्कठा किया जाएगा और कचरे का ऑडिट किया जाएगा। कचरा फेंकने वाली जगहों (हॉटस्पॉट) को जियो-टैग किया जाएगा।

तीर्थ स्थलों, हेरिटेज साइट्स, पवित्र जलाशयों, मेलों और त्योहारों पर साल भर बहुत ज़्यादा भीड़ होती है। ऐसी जगहों पर निकलने वाले कचरे का निपटान ज़्यादातर उस कार्यक्रम के लिए किए गए अस्थायी इंतज़ामों से किया जाता है।

अब शहरी निकाय हर जगह का आकलन करेगा। इसमें उस जगह का महत्व, सालाना, पीक-सीजऩ और पीक-दिन की भीड़, और कम से कम सात दिन का कचरा ऑडिट शामिल होगा। इसका डेटाबेस शहरी निकाय और जिला स्तर पर रखा जाएगा, निदेशालय स्तर पर इसे एक साथ किया जाएगा और हर आकलन के बाद अपडेट किया जाएगा।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026 की ज़रूरतों के अनुसार साइट्स का गैप एनालिसिस (कमियों का पता लगाना) किया जाएगा। इसमें सफ़ाई करने वाले लोग और उपकरण,कचरे को चार तरह से अलग करने का इंफ्रास्ट्रक्चर, और कचरा इक्कठा करने व उसे ले जाने की व्यवस्था शामिल होगी। हर जगह के हिसाब से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल तैयार किया जाएगा। इसमें कचरे को चार तरह से अलग करने की सुविधा और आईओटी वाले डिब्बे होंगे। इन डिब्बों में सेंसर लगे होंगे जो कचरा भरने के स्तर का रियल-टाइम डेटा भेज सकेंगे और अपने-आप ढक्कन खोल सकेंगे।

इस रणनीति में शुरू में गुरुग्राम में श्री माता शीतला देवी मंदिर, पंचकूला में श्री मनसा देवी मंदिर और कुरुक्षेत्र के थानेसर में ब्रह्म सरोवर को शामिल किया गया है।

शहरी निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीना के अनुसार इसका मकसद ज़्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर कचरा प्रबंधन को मेलों और त्योहारों के दौरान किए जाने वाले अस्थायी इंतज़ामों से हटाकर, हर जगह के हिसाब से बने, टेक्नोलॉजी से चलने वाले और लगातार मॉनिटर किए जाने वाले सिस्टम में बदलना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा