पानीपत: पुलिस ने पांच बच्चे बाल श्रम व 30 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया

 


पानीपत, 10 अप्रैल (हि.स.)। पुलिस क्राइम ब्रांच टीम ने ऑपरेशन स्माइल के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने शहर के विभिन्न ढाबों और दुकानों पर छापामारी कर पांच नाबालिग बच्चों को बाल श्रम की बेड़ियों से मुक्त कराया, वहीं भीख मांगने वाले 30 बच्चों को भी रेस्क्यू कर उनके पीछे सक्रिय गिरोह की जांच शुरू कर दी है।

क्राइम ब्रांच टीम के इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि शुक्रवार को विशेष अभियान के तहत गोहाना रोड और कृष्णपुरा मार्केट में छापेमारी की गई। इस दौरान आठ से 13 साल की उम्र के पांच बच्चों को दुकानों और ढाबों पर काम करते हुए पाया गया। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन मासूमों को वहां से रेस्क्यू किया और उनके परिजनों को मौके पर बुलाया। पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बच्चों और दुकानदारों ने कबूल किया कि इन मासूमों से दिन में 12-12 घंटों से अधिक काम लिया जाता था और इसके बदले उन्हें महीने के मात्र तीन से पांच हजार रुपए मेहनताना दिया जाता था। पुलिस के अनुसार, बाल श्रम करवाने वाले ढाबा और दुकान मालिकों के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और चाइल्ड लेबर एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने साफ किया है कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऑपरेशन स्माइल के तहत केवल बाल श्रम ही नहीं, बल्कि भिक्षावृत्ति के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस अब तक शहर के विभिन्न चौराहों से 30 बच्चों को भीख मांगते हुए रेस्क्यू कर चुकी है। पुलिस अब उस गिरोह का पता लगाने में जुटी है, जो इन मासूमों से जबरन भीख मंगवाता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऑपरेशन स्माइल के तहत शहर के हर उस ठिकाने पर छापामारी की जाएगी, जहां बाल श्रम की आशंका है।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा