सोनीपत: दुष्कर्म के केस में फंसाने की धमकी देकर 20 लाख मांगे, तीन महिलाओं समेत चार गिरफ्तार
सोनीपत, 26 जून (हि.स.)। सोनीपत
शहर थाना पुलिस ने झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर रुपये ऐंठने वाले
कथित हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार
किया है। पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपियों को रुपये लेते समय दबोच लिया। उनके कब्जे से
25 हजार रुपये बरामद हुए हैं। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर शुक्रवार को अदालत में
पेश किया गया। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पहले की घटनाओं की भी जांच कर रही
है।
उत्तर
प्रदेश के शामली जिले के फतेहपुर निवासी इंतजार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि
वह पिछले करीब 15 वर्षों से सोनीपत के मोहन नगर में किराये पर रहकर ट्रैक्टर चालक का
काम करता है। उसने बताया कि 14 जून को एक परिचित ने उसे एक युवती का मोबाइल नंबर दिया
था। अगले दिन दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और बाद में युवती ने उससे मिलने की बात
कही।
शिकायतकर्ता
के अनुसार वह अपने एक परिचित के साथ टीकाराम कॉलेज के पास पहुंचा, जहां युवती मिली।
इसके बाद वे उसके किराये के कमरे पर पहुंचे। वहां युवती ने स्वयं को होटल में अनैतिक
कार्य करने वाली बताते हुए 2500 रुपये मांगे। शिकायतकर्ता का कहना है कि रुपये देने
के बाद दोनों के बीच सहमति से शारीरिक संबंध बने और बाद में वह युवती को कालूपुर चुंगी
पर छोड़ आया।
शिकायतकर्ता
ने आरोप लगाया कि घटना के बाद युवती और उसकी एक महिला साथी ने वॉट्सऐप कॉल कर उस पर
दुष्कर्म का झूठा मामला दर्ज कराने की धमकी दी। दोनों ने मामला दबाने के बदले 20 लाख
रुपये की मांग की। जब उसने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो उसके खिलाफ शिकायत
देने की चेतावनी दी गई।
इसके
बाद शिकायतकर्ता ने अपनी परिचित एक महिला को पूरी जानकारी दी। उसने दोनों पक्षों में
समझौता कराने का भरोसा दिलाया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद कई लोगों ने लगातार
फोन कर रुपये मांगने शुरू कर दिए। उसने इन बातचीत की रिकॉर्डिंग भी कर ली और पुलिस
को सौंप दी।
शिकायत
मिलने के बाद पुलिस ने योजना बनाकर जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने
अदालत परिसर के पास एक महिला को 25 हजार रुपये से भरा बैग दिया। बैग लेते ही पहले से
मौजूद पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद मौके से उसके तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार
कर लिया गया।
जांच
अधिकारी एसआई नरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी
मिलकर लोगों को झूठे मामलों में फंसाने का भय दिखाकर रुपये ऐंठने का प्रयास करते थे।
पुलिस पूरे गिरोह की भूमिका, इससे जुड़े अन्य लोगों तथा ऐसे मामलों के संभावित पीड़ितों
के बारे में भी जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना