कैथल: त्योहारी सीजन से पहले खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्रवाई, पनीर के पांच सैंपल लिए
कैथल, 23 सितंबर (हि.स.)। त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य एवं औषधि विभाग ने जिले में खाद्य पदार्थों की जांच तेज कर दी है। मिलावटी पनीर बेचे जाने की शिकायत के बाद विभाग की टीम ने कैथल, कलायत, ढांड और गांव पाई में अलग-अलग स्थानों पर जांच की। इस दौरान पनीर के पांच खाद्य नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। विभाग के अनुसार इन नमूनों की रिपोर्ट अगले माह आने की उम्मीद है।विभाग की टीम ने कलायत से पनीर के दो, कैथल शहर, ढांड और पाई से एक-एक नमूना लिया। सभी नमूनों को संबंधित खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लिए गए पनीर के नमूने निर्धारित खाद्य मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।जांच के दौरान टीम को गांव पाई में एक दुकान पर करीब 50 लीटर दूध मिला, जिसके रखरखाव को लेकर विभाग ने आपत्ति जताई। दूध को उचित तरीके से नहीं रखे जाने के कारण उसे मौके पर ही नष्ट कराया गया। दुकानदार को दूध की गुणवत्ता और रखरखाव में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी गई।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. अभिषेक शर्मा ने बताया कि नकली और मिलावटी पनीर की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आयुक्त, खाद्य एवं औषधि विभाग, हरियाणा के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नकली पनीर बनाए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके आधार पर टीम ने अलग-अलग स्थानों से पनीर के पांच नमूने लिए हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से मिलावटी पनीर के उत्पादन और बिक्री को रोकने के लिए कार्रवाई की जा रही है। कम या मध्यम फैट वाले पनीर की बिक्री के लिए पैकेजिंग और लेबलिंग के नियमों का पालन करना जरूरी है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। डा. शर्मा ने बताया कि त्योहारों को देखते हुए जिले में खाद्य पदार्थों की जांच और सैंपलिंग का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे