हिसार : सांग व लोकगीत हमारी अनमोल धरोहर : प्रो. बीआर कम्बोज
हकृवि में : लोक संवाद का सेतुबंध, सांग-लोकगीत विषय पर कार्यक्रम आयोजित
हिसार, 31 अक्टूबर (हि.स.)। सांग और लोकगीत हरियाणा की संस्कृति और परंपराओं
का अहम हिस्सा हैं। ये मनोरंजन के साथ-साथ समाज को अच्छे संदेश देने, नैतिक मूल्यों
को बढ़ावा देने और लोगों को जागरूक करने का काम भी करते हैं।
यह बात हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने पंचनद
शोध संस्थान और विज्ञान भारती द्वारा लोक संवाद का सेतुबंध, सांग-लोकगीत विषय पर आयोजित
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही। आकाशवाणी के सेवानिवृत्त निदेशक कैलाश वर्मा मुख्य
प्रस्तोता के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु
विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा, पंचनद शोध संस्थान के कार्यकारी
अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह, महिला आयाम प्रमुख डॉ. मुदिता वर्मा और कैंपस स्कूल की निदेशिका
श्रीमती संतोष कुमारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मौलिक विज्ञान एवं मानविकी
महाविद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम छात्र कल्याण निदेशालय, द्वारा संयुक्त तत्वावधान
में किया गया।
प्रो. बीआर कम्बोज ने कहा कि सांग और लोकगीतों के माध्यम से समाज की अच्छी
परंपराओं, संस्कारों और जीवन से जुड़ी बातों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है।
ये लोक कलाएं हमारी संस्कृति और पहचान को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी लोक संस्कृति से जोडऩा और इन कलाओं को सहेजना जरूरी
है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर