यमुनानगर:भूसे की बढ़ती कीमतों के खिलाफ डेयरी संचालकों ने किया प्रदर्शन

 


यमुनानगर, 25 मई (हि.स.) यमुनानगर-जगाधरी डेयरी यूनियन और दड़वा डेयरी कॉम्प्लेक्स से जुड़े डेयरी संचालकों ने पशुओं के चारे के रूप में उपयोग होने वाले भूसे की लगातार बढ़ती कीमतों और कथित कालाबाजारी के विरोध में सोमवार को प्रदर्शन किया। डेयरी संचालकों ने लघु सचिवालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और भूसे के व्यावसायिक दुरुपयोग पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिले में हजारों परिवार डेयरी व्यवसाय से जुड़े हैं और पशुओं के लिए भूसा प्रमुख चारे के रूप में इस्तेमाल होता है।

डेयरी यूनियन से जुड़े कुलदीप मेहता ने आरोप लगाया कि वर्तमान में बड़ी मात्रा में भूसे का उपयोग फैक्ट्रियों में ईंधन के रूप में किया जा रहा है। साथ ही इसे हरियाणा से बाहर अन्य राज्यों की औद्योगिक इकाइयों तक ऊंचे दामों पर भेजा जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर पशुपालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक भूसा 400 से 450 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास उपलब्ध हो जाता था, लेकिन अब इसकी कीमत बढ़कर 1000 से 1100 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। डेयरी संचालकों ने आरोप लगाया कि आढ़तियों और कारोबारियों की मिलीभगत से कृत्रिम कमी पैदा कर कीमतों को बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा अतिरिक्त राशि वसूलने के आरोप भी लगाए गए। यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति पर शीघ्र नियंत्रण नहीं किया गया तो पशुपालकों के लिए डेयरी संचालन कठिन हो जाएगा। इससे दूध उत्पादन प्रभावित होने के साथ उपभोक्ताओं पर भी आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि पशु चारे के रूप में उपयोग होने वाले भूसे को फैक्ट्रियों में जलाने और दूसरे राज्यों में भेजने पर रोक लगाई जाए तथा कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार