हिसार में नशा तस्करों पर सख्ती के साथ नशा पीड़ितों के उपचार पर भी फोकस

 


गांव-गांव पहुंच रही पुलिस टीम, कर रही जागरूक,

करवा रही उपचार

हिसार, 15 जुलाई (हि.स.)। जिला पुलिस का नशा मुक्त

हिसार अभियान अब जनभागीदारी के मजबूत मॉडल के रूप में उभर रहा है। पुलिस न केवल नशा

तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, बल्कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को

उपचार, काउंसलिंग और पुनर्वास उपलब्ध कराकर उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटाने का प्रयास

भी कर रही है।

इसी अभियान के तहत बुधवार को नशा मुक्ति पुलिस

टीम ने सदर थाना क्षेत्र के गांव मीरकां व आजाद नगर थाना क्षेत्र के गांव मंगाली मोहब्बत,

मंगाली सुरतिया और मंगाली जाटान में विशेष जागरूकता एवं उपचार अभियान चलाया। इस दौरान

पुलिस टीम ने गांवों के सरपंचों, गणमान्य नागरिकों, युवाओं, नशा पीड़ितों और उनके परिजनों

से संवाद कर नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी।

साथ ही ग्रामीणों को सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में उपलब्ध उपचार सुविधाओं के बारे

में जागरूक किया गया तथा नशा तस्करों की गतिविधियों संबंधी सूचनाएं भी जुटाई गईं।

अभियान के दौरान जिले में चार नए नशा पीड़ितों

की पहचान की गई। इनमें से दो को नागरिक अस्पताल स्थित नशा मुक्ति केंद्र से दवा उपलब्ध

करवाई गई, वहीं 12 पीड़ितों को उनके घर जाकर पहली बार आयुर्वेदिक दवा वितरित की गई,

जबकि तीन अन्य मरीजों को दूसरी बार उपचार और दवा उपलब्ध करवाई गई। इस प्रकार एक ही

दिन में कुल 17 नशा पीड़ितों तक घर-घर पहुंचकर आयुर्वेदिक और एलोपैथिक उपचार, स्वास्थ्य

परीक्षण, ब्लड टेस्ट तथा मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की सुविधा पहुंचाई गई।

पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन का कहना है कि नशे

से दूरी ही सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य

केवल नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए प्रत्येक

व्यक्ति को नया जीवन देना भी है। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीण समाज के संयुक्त

प्रयासों से ही नशामुक्त समाज का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर