हिसार : राष्ट्रीय सम्मेलन में लुवास के दो वैज्ञानिकों को शोध प्रस्तुति में प्रथम पुरस्कार
डॉ. अमन को एसोसिएट फेलो, एसवीएसबीटी सम्मान भी मिला, कुलपति ने दी बधाई
हिसार, 17 अक्टूबर (हि.स.)। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय
(लुवास), के दो वैज्ञानिकों ने राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में अपने शोध कार्यों के
लिए सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति के प्रथम पुरस्कार हासिल किए हैं। बिहार पशु चिकित्सा
महाविद्यालय, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में आयोजित 13वें वार्षिक अधिवेशन
एवं राष्ट्रीय सम्मेलन में पशु जैव प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं प्रधान
वैज्ञानिक डॉ. अमन और पशुचिकित्सा एवं पशुपालन प्रसार शिक्षा विभाग की सहायक प्रोफेसर
डॉ. रिचा को यह उपलब्धि मिली। डॉ. अमन को एसोसिएट फेलो, एसवीएसबीटी सम्मान से भी सम्मानित
किया गया।
सम्मेलन का मुख्य विषय जीनोमिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जैव प्रौद्योगिकी
के माध्यम से पशु स्वास्थ्य, रोग निदान तथा सतत पशुधन उत्पादन में सुधार करना था। इसमें
देशभर से पहुंचे वैज्ञानिकों ने पशु चिकित्सा विज्ञान, पशु प्रजनन, रोगों की पहचान
और आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे अनुसंधान एवं नवाचारों पर विचार-विमर्श
किया।
डॉ. अमन ने गोवंशीय वीर्य में एक्स एवं वाई गुणसूत्र वाले शुक्राणुओं के अनुपात
का आकलन करने के लिए नवीन टैकमैन प्रोब आधारित रियल-टाइम पीसीआर जांच के विकास एवं
सत्यापन पर शोध प्रस्तुत किया। इस शोध के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति का
प्रथम पुरस्कार मिला। उनका अनुसंधान गोवंशीय वीर्य में एक्स एवं वाई गुणसूत्र वाले
शुक्राणुओं के अनुपात का पता लगाने के लिए आणविक जांच विकसित करने और उसकी विश्वसनीयता
का सत्यापन करने पर केंद्रित है।
यह तकनीक पशु प्रजनन जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र
में उपयोगी साबित हो सकती है। वहीं, डॉ. रिचा ने गोवंशीय एच-वाई प्रतिजन के प्रतिरक्षात्मक लक्ष्यीकरण, केडीएम5डी
के विरुद्ध प्रतिपिंडों के निर्माण और एंजाइम-संबद्ध प्रतिरक्षी परीक्षण (एलाइसा) के
माध्यम से उनके विश्लेषण पर अपना शोध प्रस्तुत किया। इस शोध के लिए उन्हें भी सर्वश्रेष्ठ
मौखिक प्रस्तुति का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। उनका अध्ययन पशु प्रजनन और प्रतिरक्षा
विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान की नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने से संबंधित है।
लुवास के कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने शनिवार काे दोनों वैज्ञानिकों को बधाई
देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित सम्मेलन में विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों
द्वारा प्रथम पुरस्कार प्राप्त करना गर्व का विषय है। वैज्ञानिकों का गुणवत्तापूर्ण
अनुसंधान और नवीन तकनीकों के विकास के प्रति समर्पण पशु चिकित्सा विज्ञान, पशु प्रजनन
तथा पशुधन विकास के क्षेत्र में प्रगति को गति प्रदान करता है।
पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अनीश यादव तथा पशुचिकित्सा
एवं आईपीवीएस निदेशक डॉ. संजय यादव ने भी दोनों वैज्ञानिकों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल
भविष्य की कामना की। दोनों वैज्ञानिकों की उपलब्धि से लुवास के अनुसंधान कार्यों को
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर