यमुनानगर:दमकल कर्मियों की हड़ताल से गहराया संकट

 


यमुनानगर, 03 मई (हि.स.)। यमुनानगर जिले में दमकल कर्मचारियों की हड़ताल के बीच अग्निशमन सेवाओं की स्थिति चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। बड़ी संख्या में प्रशिक्षित कर्मियों के कार्य से दूर रहने के कारण विभाग को वैकल्पिक संसाधनों के सहारे व्यवस्था संचालित करनी पड़ रही है, जिससे आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया की क्षमता प्रभावित हो रही है। हड़ताल के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें समय पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठे हैं। यमुनानगर के इस्माइलपुर गांव के खेतों में लगी आग को बुझाने जा रही दमकल गाड़ी मंडेबर गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में वाहन को नुकसान पहुंचा और उसमें सवार एक कर्मी घायल हो गया। बताया जा रहा है कि वाहन का संचालन प्रशिक्षित चालक द्वारा नहीं किया जा रहा था, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

इसके अलावा अन्य ग्रामीण व शहरी इलाकों में भी आग लगने की घटनाओं में देरी से पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां दमकल दल त्वरित कार्रवाई करते थे, वहीं अब विलंब के कारण नुकसान बढ़ने की आशंका बनी रहती है। अनुभवी दमकल कर्मचारियों का कहना है कि आग बुझाने का कार्य अत्यंत तकनीकी होता है, जिसमें प्रशिक्षित कर्मियों और उचित उपकरणों की आवश्यकता होती है। वर्तमान परिस्थितियों में अनुभवहीन कर्मियों के भरोसे व्यवस्था चलाना जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है।

इससे न केवल विभागीय कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, बल्कि आमजन की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। दमकल कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लंबित मांगों की अनदेखी के चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वंही प्रशासन का कहना है कि आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन मौजूदा हालात इस दावे को चुनौती देते नजर आ रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार