हांसी में कांग्रेस की बैठक में कुर्सियों के लिए घमासान, ऑब्जर्वरों के सामने ही भिड़े कार्यकर्ता

 




जिला प्रधान के चयन के लिए बुलाई बैठक में संगठन

की मजबूती से पहले दिखी गुटबाजी

हांसी, 21 अगस्त (हि.स.)। कांग्रेस संगठन को मजबूत

करने और नए जिला प्रधान के चयन के लिए हांसी में बुलाई गई बैठक में उस समय स्थिति असहज

हो गई, जब पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच कुर्सी पर बैठने और आगे रहने को लेकर खींचतान

शुरू हो गई। पार्टी के वरिष्ठ ऑब्जर्वरों की मौजूदगी में ही कार्यकर्ताओं के बीच तीखी

कहासुनी होने से बैठक का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। संगठन को एकजुट करने के लिए

बुलाई गई बैठक में सामने आई यह खींचतान कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को उजागर करती

नजर आई।

बैठक पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में शुक्रवार काे आयोजित की गई

थी। इसमें उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं एआईसीसी ऑब्जर्वर अजय

कुमार लल्लू तथा पीसीसी ऑब्जर्वर कार्यकर्ताओं की राय जानने पहुंचे थे। ऑब्जर्वरों

का उद्देश्य पार्टी की जमीनी स्थिति समझना, कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेना और संगठन को

मजबूत करने के लिए आगामी रणनीति पर चर्चा करना था। लेकिन बैठक शुरू होते ही बैठने की

व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

राहुल मक्कड़ के साथी से हुई कहासुनी

बैठक के दौरान हांसी से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी

राहुल मक्कड़ के एक साथी की कुछ कार्यकर्ताओं से बैठने को लेकर कहासुनी हो गई। देखते

ही देखते दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई और बैठक का माहौल गर्मा गया। मामला बढ़ता

देख नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़ ने बीच-बचाव किया। विधायक ने कार्यकर्ताओं को शांत

रहने और बैठक की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कई बार समझाने का प्रयास किया,

जिसके बाद स्थिति कुछ हद तक शांत हुई, लेकिन कुछ देर तक कार्यकर्ताओं के बीच गर्मागर्मी

का माहौल बना रहा।

बैठक में मौजूद लोगों के बीच यह चर्चा भी रही

कि जिस बैठक में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और जिला

प्रधान के चयन को लेकर मंथन होना था, वहां शुरुआत में ही कुर्सी और आगे बैठने को लेकर

शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल गया। बैठक में पूर्व मंत्री गीता भुक्कल की गैर मौजूदगी

भी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय रही। जिला प्रधान के चयन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे

पर बुलाई गई बैठक में ही नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच सामने आई खींचतान ने कांग्रेस

की अंदरूनी राजनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ऑब्जर्वरों द्वारा कार्यकर्ताओं से

लिए गए फीडबैक और बैठक में सामने आए घटनाक्रम के बीच पार्टी नेतृत्व जिला प्रधान के

चयन को लेकर क्या फैसला करता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर