हिसार : उन्नत बीजाें एवं वैज्ञानिकों की सलाह से खेती करके कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते किसान : डॉ. दिनेश तोमर
हकृवि में किसानों के लिए फील्ड डे कार्यक्रम
आयोजित
हिसार, 22 मार्च (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
में अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना तथा भारतीय जल प्रबंधन संस्थान के सहयोग
से मृदा विज्ञान विभाग की ओर से किसानों के लिए फील्ड डे कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जल प्रबंधन तथा उर्वरक प्रबंधन
की वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश
तोमर ने की।
डॉ. दिनेश तोमर ने किसानों को संबोधित करते हुए
रविवार काे कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न फसलों की अनेक उन्नत किस्में विकसित की गई हैं।
किसान उन्नत किस्मों के बीज एवं वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार खेती करके कम लागत में
अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा मूंग की
उन्नत किस्म एमएच-421 विकसित की गई है। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को
मूंग फसल की बेहतर किस्मों, संतुलित उर्वरक प्रबंधन जल संरक्षण तकनीक तथा फसल उत्पादन
की आधुनिक विधियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में किसानों
को मूंग की उन्नत किस्म एचएम-421 के प्रमाणित बीज तथा आवश्यक उर्वरकों का वितरण किया
गया, ताकि किसान उन्नत तकनीकों का उपयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम
के दौरान किसानों को मूंग फसल की उन्नत किस्मों, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, जल संरक्षण
तकनीकों तथा आधुनिक कृषि विधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों
ने किसानों को बताया कि समय पर सिंचाई, संतुलित उर्वरकों का उपयोग और उन्नत बीजों के
प्रयोग से मूंग की पैदावार और गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। किसानों को विश्वविद्यालय
के अनुसंधान फार्म का भ्रमण भी कराया गया, जहां विभिन्न अनुसंधान प्लॉट, नई किस्मों
के प्रदर्शन और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन दिखाया गया।
इस अवसर पर डॉ. राम प्रकाश, डॉ. देव राज, डॉ.
मुकेश कुमार जाट, डॉ. सुशील कुमार सिंह तथा डॉ. मुली देवी सहित अन्य वैज्ञानिकों ने
भी किसानों को संबोधित किया। वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने,
संसाधनों का सही उपयोग करने और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करने के लिए प्रेरित
किया। कार्यक्रम के अंत में वैज्ञानिकों ने बताया कि विश्वविद्यालय समय-समय पर किसानों
के लिए प्रशिक्षण, फील्ड डे और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहता है ताकि किसानों
तक नवीनतम कृषि अनुसंधान की जानकारी पहुंचाई जा सके। कार्यक्रम में मृदा विज्ञान विभाग
के अन्य वैज्ञानिकों के साथ-साथ पीएचडी एवं एमएससी के विद्यार्थियों ने भी सक्रिय रूप
से भाग लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर