फरीदाबाद : ट्रैफिक पुलिस ने सात महीने में किए 3.77 लाख चालान

 


फरीदाबाद, 07 अगस्त (हि.स.)। सडक़ सुरक्षा को मजबूत बनाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से फरीदाबाद पुलिस जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी कर रही है। इसी क्रम में वर्ष 2026 के पहले सात महीनों (जनवरी से जुलाई) के दौरान यातायात पुलिस ने विभिन्न श्रेणियों में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ तीन लाख 77 हजार 957 चालान किए हैं। यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में जनवरी से जुलाई तक कुल 3,77,957 चालान किए गए। इनमें जनवरी में 52,690, फरवरी में 40,807, मार्च में 56,220, अप्रैल में 57,028, मई में 59,260, जून में 53,165 तथा जुलाई में 58,787 चालान शामिल हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ लगातार और व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। प्रवक्ता के अनुसार सात महीनों के दौरान सबसे अधिक कार्रवाई बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के विरुद्ध की गई। इस अवधि में 1,13,996 चालान बिना हेलमेट के किए गए। इसके अतिरिक्त 42,434 चालान तेज गति (ओवरस्पीडिंग), 34,324 गलत पार्किंग, 33,441 लेन अनुशासन का उल्लंघन, 32,754 रॉन्ग साइड ड्राइविंग, 23,174 नंबर प्लेट नियमों का उल्लंघन, 10,541 बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने, 10,327 दोपहिया वाहन पर ट्रिपल राइडिंग, 8,178 ब्लैक फिल्म/टिंटेड ग्लास तथा 3,543 शराब पीकर वाहन चलाने (ड्रंकन ड्राइविंग) के मामलों में किए गए। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि यातायात पुलिस द्वारा जिलेभर में नियमित रूप से विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रमुख चौराहों, राष्ट्रीय राजमार्गों, स्कूल-कॉलेजों के आसपास तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। आधुनिक उपकरणों, इंटरसेप्टर वाहनों तथा सीसीटीवी कैमरों की सहायता से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि यातायात उल्लंघनों के कारण सडक़ दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। विशेष रूप से बिना हेलमेट, तेज गति, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और शराब पीकर वाहन चलाना गंभीर दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनते हैं। ऐसे मामलों में न केवल वाहन चालक बल्कि अन्य सडक़ उपयोगकर्ताओं का जीवन भी खतरे में पड़ जाता है।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर