फरीदाबाद : हंगामेदार रही निगम सदन की बैठक, मुद्दों पर जमकर हुई बहस
सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर को लेकर भाजपा में नही बन पाई सहमति
फरीदाबाद, 19 जनवरी (हि.स.)। सोमवार को नगर निगम सभागार में सम्पन्न हुई निगम सदन की बैठक काफी हंगामेदार रही। बैठक में 46 वार्डाे के 11 प्रस्तावो को शामिल किया गया। बैठक में निगम मेयर प्रवीण बत्रा और निगम कमिश्नर धीरेंद्र खडग़टा सहित सभी वार्ड पार्षद शामिल रहे। निगम चुनाव के 10 महीने बाद तक भी सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर को लेकर भाजपा में सहमति नहीं बन पाई। बैठक की अध्यक्षता मेयर प्रवीण बत्रा ने की। मेयर प्रवीण बत्रा ने कहा कि निगम सदन की बैठक एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें पार्षदों द्वारा रखी गई मदों पर चर्चा कर समाधान निकालना ही उद्देश्य होता है। सभी वार्डों से प्रस्ताव लिए गए है, जिन पर चर्चा की जाएगी, जो विकास कार्य चल रहे है, उनको लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। नगर निगम चुनाव परिणाम आए लगभग 10 माह बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर को लेकर भाजपा में सहमति नहीं बन पाई है। इससे पहले 11 अगस्त को प्रस्तावित निगम सदन की बैठक में भी इन दोनों पदों को लेकर सहमति नहीं बन सकी थी, जिसके चलते बैठक ही नहीं हो पाई थी। बैठक की शुरुआत काफी हंगामेदार रही। निगम पार्षदों ने अपने अपने वार्डाे की समस्याओं को लेकर जमकर बहस की और मुद्दों को प्रमुखता से रखा। बैठक में पृथला विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेसी विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया भी शामिल हुए और उन्होंने भी बैठक में क्षेत्र के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। बैठक में पार्षदों द्वारा फाइनेंस कमेटी के मेंबर और सीनियर डिप्टी मेयर एवं डिप्टी मेयर के चुनाव की मांग रखी गई। इनमें सडक़, चौक और पार्कों के नाम बदलने, लाइब्रेरी निर्माण, आरएमसी सडक़, स्ट्रीट लाइट, कचरा निपटारे और पेयजल से संबंधित कार्य शामिल रहे। इसके अलावा अवैध कब्जे हटाने, सीवर समस्या, स्ट्रीट डॉग और आवारा पशुओं, श्मशान घाट निर्माण, डिस्पेंसरी और सरकारी स्कूलों के निर्माण, ट्यूबवेल, प्रॉपर्टी आईडी और सफाई व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी एजेंडे में शामिल किए गए हैं। बैठक में नगर निगम की ओर से भी कुछ प्रस्ताव शामिल किए गए, जिन्हें सदन में पार्षदों के समक्ष रखा गया। जिसमें सोतई गांव में 12 एकड़ भूमि पर ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण बनाने का प्रस्ताव शामिल रहे। इसके साथ ही मवई गांव में तीन एकड़ भूमि में गोशाला बनाने और पल्ला में 50 बेड वाले अस्पताल के लिए रोड के चौड़ीकरण का मुद्दा शामिल रहा। इसके साथ गांव गाजीपुर में 5.0 एकड़ भूमि बूस्टर निर्माण करने हेतु एफएमडीए को देने का प्रस्ताव प्रमुखता से रखा गया। निगम का दावा है कि नया बूस्टर बनने से करीब 20 से अधिक कालोनियों की पानी की किल्लत दूर हो जाएगी। इस बार निगम सदन की बैठक में एफएमडीए के अधिकारियों को विशेष रूप से बुलाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य उन समस्याओं का समाधान निकालना है, जिनमें नगर निगम को एफएमडीए से सहयोग नहीं मिल पाता या जहां कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है। कई विकास कार्य एफएमडीए के अधीन हैं, जिनको लेकर पार्षद लंबे समय से परेशानी जता रहे हैं। बैठक में इन मुद्दों का मौके पर ही समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर