फरीदाबाद: देश में महिला हितों को लेकर बनाए गए कई कानून : विजया रहाटकर
मुख्यमंत्री नायब सैनी हुए ‘शी इज द चेंजमेकर’ दो दिवसीय कार्यशाला में शामिल
फरीदाबाद, 08 सितंबर (हि.स.)। फरीदाबाद के सूरजकुंड में मंगलवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से आयोजित ‘शी इज द चेंजमेकर’ दो दिवसीय कार्यशाला में हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि पहुंचे। इसमें देशभर के 22 से ज्यादा राज्यों की 100 से अधिक महिला विधायक शामिल हुईं।
कार्यशाला में महिला विधायकों के विधायी दायित्वों के साथ समाज को मजबूत बनाने और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को बेहतर तरीके से उठाने और उनके समाधान के लिए काम करने के तरीकों की जानकारी दी गई। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि देश में महिलाओं के हित में कई कानून बनाए गए हैं और इनका फायदा भी महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले समाज में पुरुषों का दबदबा अधिक था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं और महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को परिसीमन से जोडक़र किए जा रहे विरोध पर विजया रहाटकर ने कहा कि यह कानून लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल महिलाओं से वोट मांगते हैं, लेकिन जब उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की बात आती है तो विरोध करते हैं। हालांकि, उन्होंने इसे राजनीतिक विषय बताते हुए इस पर ज्यादा विस्तार से बोलने से इनकार कर दिया।
इस मौक पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिला विधायक उस शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो समाज को दिशा देने का काम करती है। उन्होंने कहा कि इन दो दिनों में महिला विधायकों ने नई योजनाओं और पहलों के साथ विधायी काम को ज्यादा प्रभावी बनाने के तरीके भी सीखे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने वर्ष 2020 में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा सिर्फ कानून बनाने की जगह नहीं है, बल्कि जनता की आवाज को नीतियों में बदलने का महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ। उन्होंने इसे महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा के स्टार्टअप क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा प्रदेश में 500 महिला सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए गए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर